नई दिल्ली। नागरिकता कानून (सीएए) और नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ धरने पर बैठे लोगों से बात करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के मध्यस्थ बुधवार को शाहीन बाग पहुंचे। सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन को लोगों से बातचीत करने को कहा था।

शाहीन बाग में संजय हेगड़े ने कहा- हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यहां पहुंचे हैं। हम सभी लोगों से बात करेंगे और उम्मीद है कि इससे विवाद सुलझ जाएगा।

सीएए और एनआरसी के विरोध में शाहीन बाग में धरने पर बैठी महिलाएं।

साधना रामचंद्रन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आपको आंदोलन करने का हक है। हम सब की तरह और भी नागरिक हैं, जिनके अधिकार हैं। जो इस रास्ते से आते-जाते हैं। बच्चे स्कूल जाते हैं, लोग ऑफिस आते-जाते हैं। हक वहीं तक होना चाहिए, जहां तक दूसरे का हक प्रभावित न हो। रोड, पार्क, ब्रिज सार्वजनिक सुविधा है। हम आपकी सारी बातें सुनेंगे।

मुझे विश्वास है कि हम ऐसा हल निकालेंगे जो न सिर्फ देश बल्कि दुनिया के लिए मिसाल बन जाएगा। उन्होंने कहा कि हम बिना मीडिया के प्रदर्शनकारियों से बात करेंगे। इस बातचीत की जानकारी बाद में दी जाएगी।

See also  हाथी के शावक की मनाई गयी छट्ठी, आदिवासी समुदाय का अनूठा आयोजन, पूजा-पाठ के साथ वनभोज भी कराया ग्रामीणों ने

हेगड़े ने ट्विटर पर लोगों से सुझाव मांगे

संजय हेगड़े ने प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट का आदेश पढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा कि हमें यहां (शाहीन बाग) आने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया था। उम्मीद है कि हमारी सबसे बात होगी और सभी के सहयोग से हम मुद्दे को हल कर लेंगे। हम दोनों सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं, हम सबको सुनने आए हैं। शाहीन बाग जाने से हेगड़े ने पहले ट्विटर पर भी गतिरोध खत्म करने के लिए लोगों से सुझाव मांगे।

सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग में रास्ता खोलने के लिए दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान धरना देने को लोगों का अधिकार करार दिया था। अदालत ने किसी ऐसी जगह प्रदर्शन जारी रखने की सलाह दी थी, जहां यातायात बाधित न हो। कोर्ट ने मध्यस्थों को प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रास्ता निकालने को कहा था।

सड़क के एक तरफ का रास्ता खोलने पर बन सकती है दोनों पक्षों के बीच सहमति

प्रदर्शनकारी सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना करते हुए भी नहीं दिखना चाहते हैं। यही कारण है कि वे बीच का एक ऐसा रास्ता निकालने की कोशिश कर सकते हैं, जिसमें लोगों को आवागमन के लिए रास्ता भी मिल जाए और उनका दो महीने से ज्यादा समय से जारी विरोध प्रदर्शन भी जारी रहे। इसके लिए सड़क के एक तरफ का रास्ता खोला जा सकता है।

See also  सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड, बलरामपुर में जमी ओस बर्फ में तब्दील, 3 दिनों के भीतर न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी की संभावना

प्रदर्शन शुरू हुए दो महीने से ज्यादा वक्त बीत चुका है। कालिंदी कुंज सड़क दोनों ओर से बंद है जिसके चलते नोएडा से सरिता विहार आने जाने वाले लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें 

Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।