रायपुर। कांकेर जिले के केशकाल में किसानों पर लाठीचार्ज का मामला गरमाता नजर आ रहा है। बीजेपी ने कांग्रेस सरकार को घेरते हुए हमला बोला और पांच सदस्यीय जांच दल का गठन किया। इसके बाद गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जांच में ही पता चल पाएगा कि इसमें किसकी गलती है।

गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा यदि टोकन नहीं मिल रहा था तो किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात को रखना चाहिए था। किसान क्यों उग्र हुए? क्यों लाठीचार्ज किया गया? गलती किसकी थी? यह जांच के बाद ही साबित हो पाएगा। इस मामले में एडीएम अपनी रिपोर्ट देंगे और अगर पुलिस वालों की गलती होगी, तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

किसानों के साथ मीडिया कर्मी भी रहे होंगे। उन पर हमला हुआ होगा और इन सब में पुलिस की गलती मिली तब भी पुलिस पर कार्रवाई की जाएगी।

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बता दें कि मंगलवार को बारदानों की कमी से बस्तर समेत कई जिलों में धान खऱीदी प्रभावित हुई है। धान बेचने के लिए दो दिन का समय शेष रहने से बेचैन किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और किसानों ने केशकाल में नेशनल हाईवे में चक्काजाम कर दिया था।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देने का प्रयास किया, लेकिन सारे प्रयास असफल रहने पर पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर जमकर लाठियां भांजी। पुलिस की लाठी न सिर्फ किसानों पर कहर बनकर टूटी बल्कि पत्रकारों को भी पुलिस ने नहीं बख्शा। पुलिस की इस लाठी चार्ज में किसानों के साथ ही पत्रकारों को भी चोटें आई है।

पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने तल्ख टिप्पणी की थी :

किसानों पर लाठीचार्ज मामले में पूर्व सीएम रमन सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा था कि खेतों का सीना चीर कर जो तुम्हें रोटी खिलाता था, ये वही किसान है जिस पर आज तुम लाठी चलाते हो कहाँ है वादों की गठरी, कहाँ है हक का वो मुद्दा क्यों अब बंद महलों में मुखिया जी चेहरा छिपाते हो।

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