रायपुर। रायपुर नगर निगम ने शहर के 25 नॉन-एसी बस स्टॉप की खस्ताहालत को देखते हुए संबंधित एड एजेंसी को कड़ी चेतावनी जारी की है। निगम ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापन प्रदर्शित करने के बदले मेंटेनेंस की जिम्मेदारी एजेंसी की है, जिसे 7 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य है।

राजधानी के प्रमुख मार्गों पर स्थित ये बस स्टॉप न केवल यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय हैं, बल्कि शहर की सुंदरता का हिस्सा भी हैं। मेंटेनेंस न होने से ये असामाजिक तत्वों का डेरा बन रहे हैं। एजेंसी विज्ञापन से मुनाफा तो कमा रही है, लेकिन अनुबंध की शर्तों के अनुसार यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं देने में लापरवाही बरत रही है, जिससे आम जनता को धूप और बारिश में परेशानी झेलनी पड़ती है।

बता दें कि फरवरी 2023 में नगर निगम और एजेंसी मेसर्स एड मीडिया के बीच एक अनुबंध हुआ था। इस समझौते के तहत एजेंसी को इन 25 बस स्टॉप पर विज्ञापन लगाने का अधिकार दिया गया था, जिसके बदले में उन्हें मार्च 2026 तक इन स्टॉप्स का पूरा रखरखाव (Maintenance) करना था।

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निगम की पर्यवेक्षण विज्ञापन शाखा ने पाया कि एजेंसी विज्ञापन तो ले रही है, लेकिन स्टॉप्स की मरम्मत पर ध्यान नहीं दे रही है। इसके बाद 22 दिसंबर को पहला नोटिस जारी किया गया था, और अब सात दिनों के भीतर अंतिम सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

100 से घटकर सिर्फ 37 रह गई बसें

शहर में बस स्टॉप की बदहाली का एक बड़ा कारण सिटी बसों के परिचालन में आई भारी कमी है। कोरोना काल से पहले तक रायपुर की सड़कों पर 100 से अधिक सिटी बसें दौड़ती थीं। मगर वर्तमान में केवल 37 बसें ही संचालित हो रही हैं।

बसों की संख्या कम होने से इन बस स्टॉप्स का उपयोग यात्रियों द्वारा कम हो गया है। इसी का फायदा उठाकर निगम ने शुरुआत में दी गई डिजिटल डिस्प्ले की सुविधा को भी फिलहाल बंद कर रखा है। हालांकि, इन मार्गों पर आम ट्रैफिक और राहगीरों की भारी भीड़ रहती है, जिसके चलते विज्ञापनों का प्रदर्शन तो जारी है, लेकिन यात्रियों के बैठने की जगह जर्जर बनी हुई है।

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यदि एड एजेंसी अगले 7 दिनों में सुधार कार्य पूरा नहीं करती है, तो नगर निगम अनुबंध रद्द करने या जुर्माना लगाने जैसी सख्त कार्रवाई कर सकता है। साथ ही, शहर में सिटी बसों के रूट और परिचालन को दोबारा व्यवस्थित करने की मांग भी उठ रही है ताकि इन बस स्टॉप्स की उपयोगिता बनी रहे।