रायपुर। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर के भविष्य को लेकर एक नई उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे लाल आतंक अपने अंत की ओर बढ़ रहा है, सरकार का पूरा फोकस अब वहां के स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़कर उनके हाथों में रोजगार सौंपने पर है। गृहमंत्री ने घोषणा की है कि आने वाले समय में केवल सुरक्षा बलों और पुलिस विभाग में ही 4100 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी।

यह खबर केवल आंकड़ों की बाजीगरी नहीं, बल्कि बस्तर के सामाजिक बदलाव की कहानी है। दशकों तक जिस क्षेत्र के युवाओं को नक्सलियों ने गुमराह किया, अब वही युवा खाकी वर्दी पहनकर अपने ही क्षेत्र की रक्षा करेंगे। 2500 बस्तर फाइटर्स की भर्ती से न केवल बेरोजगारी दूर होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं का सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा।

विजय शर्मा ने एक महत्वपूर्ण बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि आज बस्तर में नक्सलियों की गिरफ्तारी से ज्यादा आत्मसमर्पण (Surrender) के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले डेढ़ साल में 2700 नक्सलियों ने हथियार छोड़े हैं, जो यह साबित करता है कि अब लोग हिंसा के बजाय विकास और शांति का रास्ता चुन रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मार्च 2026 तक प्रदेश को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया जाएगा।

See also  नशे के कारोबारियों की टूटेगी आर्थिक कमर: छत्तीसगढ़ में पहली बार 'पिट्स NDPS' के तहत 145 बड़ी कार्रवाई, ₹13 करोड़ की संपत्ति फ्रीज

आज प्रेसवार्ता में गृहमंत्री ने विभाग की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के पास से 1100 से अधिक आधुनिक हथियार बरामद किए हैं, जिनमें AK-47, SLR और इंसास राइफलें शामिल हैं।

विजय शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन्स के दौरान अब तक 532 नक्सली ढेर (Neutralized) किए गए हैं, जबकि 2004 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। सबसे सुखद पहलू यह है कि 2700 नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने के लिए आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा, मैं उस दिन का इंतजार कर रहा था जब सरेंडर करने वालों की संख्या गिरफ्तार होने वालों से अधिक होगी, और आज वह समय आ गया है।