Chhattisgarh Ministers Gujarat Dairy Visit

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने पशुपालकों और बिहान दीदियों के साथ गुजरात की दूधसागर, बनास और अमूल डेयरी का विस्तृत शैक्षणिक भ्रमण किया। इस उच्च-स्तरीय दौरे का मुख्य उद्देश्य डेयरी क्षेत्र के आधुनिक तकनीकी नवाचारों और सफल सहकारी मॉडल को समझकर छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आय बढ़ाने के रास्ते खोजना है।

यदि गुजरात का सहकारी मॉडल राज्य में लागू होता है, तो इससे बस्तर से लेकर सरगुजा तक के पशुपालकों और स्व-सहायता समूहों (बिहान दीदियों) की आर्थिक स्थिति में सीधा सुधार होगा और दुग्ध उत्पादन को नई पहचान मिलेगी।

डेयरी के आधुनिक प्लांट और तकनीक का निरीक्षण

दौरे के दौरान मंत्रियों ने डेयरी प्लांट के साथ-साथ बायो-सीएनजी इकाई, खाद्य तेल और आटा प्लांट का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने शेरपुरा डेयरी कोऑपरेटिव सोसायटी जाकर जमीनी स्तर पर दूध संकलन और प्रसंस्करण की प्रक्रिया को समझा। दूधसागर और बनास डेयरी के अधिकारियों ने मंत्रियों को गुणवत्ता नियंत्रण और प्रभावी विपणन (Marketing) की बारीकियां समझाईं।

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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस दौरान स्पष्ट किया कि यह दौरा केवल देखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां सीखी गई तकनीक और प्रबंधन को छत्तीसगढ़ की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लागू किया जाएगा। वन मंत्री केदार कश्यप ने जोर देकर कहा कि सहकारी डेयरी मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और पशुपालकों की आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।