टीआरपी डेस्क। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (Geo-political Tension) और आर्थिक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग चरम पर है। आज यानी 20 फरवरी 2026 को भारतीय बाजारों में सोने की कीमतों ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बनाया है। 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव 1,56,600 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और हाजिर बाजार में आज सोने की कीमतों में 200 से 500 रुपए तक की बढ़ोत्तरी देखी गई है।

भारत और चीन: सोने के सबसे बड़े ‘दीवाने’

इन्वेस्टोपीडिया और वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के 2024-25 के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत और चीन दुनिया के सबसे बड़े स्वर्ण उपभोक्ता बने हुए हैं। ग्लोबल ज्वेलरी डिमांड का लगभग 50% हिस्सा अकेले इन दो देशों से आता है।


टॉप 10 गोल्ड कंज्यूमर देश (टन मे

रैंकदेशखपत (टन में)
1भारत563.4
2चीन511.4
3अमेरिका132.1
4रूस41.2
5तुर्किये40.9
6सऊदी अरब35.0

निवेश में 17% का उछाल

हालांकि बढ़ती कीमतों के कारण साल 2025 में ज्वेलरी के रूप में सोने की खपत में 11% की गिरावट आई है, लेकिन सिक्कों और बार (Bars) की मांग में 17% की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। निवेशक अब सोने को केवल गहनों के लिए नहीं, बल्कि संकट के समय एक ‘सेफ-हेवन’ एसेट के रूप में देख रहे हैं।

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क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?


जियो-पॉलिटिकल टेंशन: मध्य-पूर्व और अन्य अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण शेयर बाजार में अस्थिरता है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा बढ़ा रहे हैं। भारत में शादियों के सीजन के कारण भी स्थानीय स्तर पर मांग तेज बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां ऐसी ही रहीं, तो 2026 के अंत तक सोना $5,000 प्रति औंस के अंतरराष्ट्रीय स्तर को छू सकता है, जिसका सीधा असर भारतीय रिटेल कीमतों पर पड़ेगा।