टीआरपी डेस्क। भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने फरवरी 2026 में सफलता के नए आयाम छुए हैं। इस महीने यूपीआई लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 27 प्रतिशत बढ़कर 20.39 अरब के जादुई आंकड़े तक पहुंच गई है।
ट्रांजैक्शन वैल्यू 22 प्रतिशत बढ़ी
फरवरी के दौरान कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 26.84 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई। देश में अब औसतन प्रतिदिन 95,865 करोड़ रुपये का डिजिटल लेनदेन हो रहा है। फरवरी 2026 में प्रतिदिन औसत 72.8 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए । जनवरी में यह आंकड़ा 70 करोड़ था।
IMPS और FASTag में भी जबरदस्त उछाल
केवल यूपीआई ही नहीं, बल्कि अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म भी मजबूती दिखा रहे हैं:
- IMPS: फरवरी में 336 मिलियन लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 6.42 लाख करोड़ रुपये रही।
- FASTag: हाईवे पर सफर भी स्मार्ट हुआ है, फास्टैग के जरिए 350 मिलियन लेनदेन के साथ 6,925 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ।
यूपीआई अब केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस, भूटान और कतर जैसे देशों में भी सक्रिय हो चुका है। हाल ही में भारत और इजरायल के बीच हुए समझौते के तहत अब यूपीआई को इजरायल की घरेलू भुगतान प्रणाली से भी जोड़ा जाएगा।



