रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने जल और वायु प्रदूषण फैलाने वाले दर्जनभर से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों की बिजली काटने और उत्पादन बंद करने की कार्रवाई की है। साथ ही 3 उद्योगों पर 9,22,000 रुपए क्षतिपूर्ति राशि भी अधिरोपित की गई है। यह कार्रवाई 15 दिनों में अभियान चलाकर की गई है।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अनुसार स्पंज आयरन उद्योग मे. पुष्प स्टील्स एंड माईनिंग प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम मे0 इंडियन स्टील एंड पॉवर प्रा. लिमिटेड) ग्राम चरौदा में वायु प्रदूषण की स्थिति पाए जाने के कारण उद्योग का उत्पादन बंद किया गया और बिजली काटी गई। इसी प्रकार मेटल पार्क रावांभाठा अंतर्गत 9 स्लैग कशर्स, 1 बाईडिंग वॉयर इकाई तथा 1 स्टील फर्नीचर इकाई में मंडल की सम्मति के बिना कार्य और प्रदूषण की स्थिति पाए जाने तथा संचालित होने के कारण इन सभी 11 इकाइयों की बिजली काटी गई। इसमें मे. चंद्रमौली इंटरप्राइजेस (जैन ब्रिक्स), मे. श्रीराम वॉयर्स, मे. बसंत अग्रवाल, मे. निशांत ट्रेडर्स (जैन ब्रिक्स यूनिट 2), मे. भाईजी स्टील, मे. भाईजी स्टील, यूनिट-2, मे. गुप्ता ट्रेडर्स (मौर्य ब्रिक्स), मे. वीरेन्द्र शर्मा (देवेन्द्र कुमार पटेल), मे. अमित सैनी (उमाशंकर साहू), मे. रवि स्टील इण्डस्ट्रीज (देवेन्द्र पटेल) एवं मे. मयंक इण्डस्ट्रीज (राहुल पटेल) के विरूद्ध उत्पादन बंद करने तथा उक्त इकाइयों के विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई। इसी तरह से सिलतरा स्थित इण्डमान फर्नेस उद्योगा (स्टील उद्योग) मे. एसकेए इस्पात प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम मे. जोरावर इंजीनियरिंग एंड फाउंड्री फोर्ज प्रा. लिमिटेड) में उत्पादन बंद कर बिजली काटी गई।

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इसी तरह उरला, गोंदवारा स्थित इण्डक्शन फर्नेस सीसीएम उद्योग (स्टील उद्योग) मे. छत्तीसगढ़ फेरों ट्रेडर्स प्रा. लिमिटेड में वायु प्रदूषण की स्थिति पाए जाने पर उत्पादन बंद करने एवं विद्युत काटने की कार्रवाई की गई। रायपुर क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी पी. के. रबड़े ने इस कार्यवाही के बारे में बताया।