टीआरपी। रायपुर रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपनी कार्यकुशलता और यात्री सुविधाओं के दम पर भारतीय रेलवे में एक आदर्श मंडल के रूप में पहचान बनाई है। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री दयानंद ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि इस वर्ष मंडल ने कुल ₹5663.65 करोड़ की आय अर्जित की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.67% अधिक है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि सुरक्षा के कड़े मानकों के चलते यह पूरा वर्ष ‘शून्य ट्रेन दुर्घटना’ वर्ष दर्ज किया गया।
रायपुर और आसपास के रेल यात्रियों के लिए यह उपलब्धियां सीधी सुविधाओं से जुड़ी हैं। 15 अमृत भारत स्टेशनों का विकास, नई ट्रेनों का परिचालन और रोड अंडर ब्रिज (RUB) के निर्माण से न केवल यात्रा सुगम हुई है, बल्कि शहर के भीतर लगने वाले ट्रैफिक जाम और लेवल क्रॉसिंग की दुर्घटनाओं से भी बड़ी राहत मिली है।
वित्तीय सफलता और माल लदान
मंडल रेल प्रबंधक दयानंद और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी की उपस्थिति में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया गया कि रायपुर मंडल ने माल लदान (Freight Loading) में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस वर्ष 46.44 मिलियन टन लदान कर ₹4983 करोड़ का राजस्व केवल माल ढुलाई से प्राप्त हुआ। भारतीय रेलवे के शीर्ष मंडलों में रायपुर अब 9वें स्थान पर काबिज हो गया है।
यात्री सुविधाओं की बात करें तो, मंडल ने 26.6 मिलियन यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाया, जिससे ₹631.35 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। यात्रियों की सुविधा के लिए त्योहारी सीजन में 19 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें और 12 भारत गौरव ट्रेनें चलाई गईं।
मुख्य उपलब्धियां
रिकॉर्ड आय: वाणिज्य विभाग ने कुल ₹5663.65 करोड़ की आय अर्जित की।
अमृत भारत स्टेशन: उरकुरा, भिलाई और भानुप्रतापपुर स्टेशनों का उद्घाटन हुआ; भिलाई नगर और सरोना स्टेशन तैयार होने के अंतिम चरण में हैं।
नई ट्रेनें: रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस और राजिम-रायपुर सेवा की शुरुआत की गई।
सुरक्षा: 8 लेवल क्रॉसिंग बंद कर रोड अंडर ब्रिज (RUB) का निर्माण किया गया, जिससे सड़क सुरक्षा में सुधार हुआ।
डिजिटल पहल: टिकट चेकिंग स्टाफ को बॉडीवॉर्न कैमरा दिए गए और 12 स्टेशनों पर ATVM की सुविधा दी गई।
चौथी रेल लाइन: हथबंद-बैकुंठ (17.24 किमी) और बैकुंठ-उरकुरा (26.40 किमी) के बीच चौथी रेल लाइन को मंजूरी मिली।
यात्री सुविधाओं में खास: ‘रेल मदद’ और सैनिटाइज्ड बेडरोल
यात्रियों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए रायपुर मंडल को ‘रेल मदद शील्ड’ से नवाजा गया है। इस वर्ष 17,943 लोगों ने सहायता मांगी, जिसमें त्वरित समाधान मिलने पर यात्रियों ने ‘एक्सीलेंट रेटिंग’ दी। एक और बड़ी सौगात के रूप में, अब संपर्क क्रांति और अमरकंटक एक्सप्रेस के नॉन-एसी स्लीपर कोचों में भी सैनिटाइज्ड बेडरोल की सुविधा मिलेगी।
रेलवे बोर्ड ने रायपुर मंडल के विकास के लिए चौथी रेल लाइन परियोजनाओं के लिए लगभग ₹700 करोड़ का प्रावधान किया है। आने वाले समय में दुर्ग-दल्लीराजहरा सेक्शन के 08 स्टेशनों पर प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाई जाएगी, जिससे 12 कोच की मेमू ट्रेनें वहां रुक सकेंगी। साथ ही, बालोद और दल्लीराजहरा स्टेशनों पर दूसरे प्लेटफार्म और फुट ओवर ब्रिज का निर्माण भी जल्द शुरू होगा।


