अपडेट : वेदांता प्लांट हादसे में मिले अपडेट के मुताबिक हादसे में मृतकों की संख्या 16 तक पहुंच गया है।
रायपुर/सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट की गूंज अब पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है। ताजा जानकारी के मुताबिक इस हादसे में मरने वाले मजदूरों की संख्या 16 तक पहुंच गई है। इस बीच जिला प्रशासन ने प्लांट के प्रभावित हिस्से को पूरी तरह से सील कर दिया है। वहीं घटना को जांच के लिए औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा विभाग (Industrial Health and Safety) की टीम आज सुबह मौके का मुआयना करेगी।
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने इस औद्योगिक हादसे की जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों पर श्रम कानून के तहत कार्रवाई होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

4 मजदूरों को लाया गया रायपुर
इस घटना के बाद गंभीर हालत में 4 मजदूरों को रायपुर के कालड़ा बर्न हॉस्पिटल लाया गया। यहां 2 मजदूरों को डॉक्टरों को मृत घोषित कर दिया, वहीं 2 मजदूरों का आईसीयू में इलाज चल रहा है। इधर रायगढ़ जिले के अलग–अलग अस्पतालों में 15 घायलों का इलाज चलने की खबर है।
कंपनी प्रबंधन की ओर से मृतकों के परिवार वालों को 35 लाख और घायलों को 15 लाख का मुआवजा और इलाज का खर्च देने पर सहमित बनी है।
उधर राज्य सरकार ने इस हादसे में मृतकों के परिजनों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है। इस बीच पीएमओ से भी मृतकों के परिजनों के परिजनों के लिए 2–2 लाख रूपये का मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है।

NGSL और प्रबंधन पर लटकी कार्रवाई की तलवार..
वेदांता पावर प्लांट के प्रवक्ता ने बताया है कि जिस बॉयलर यूनिट में ब्लास्ट हुआ, उसका संचालन और रखरखाव सब-कॉन्ट्रैक्टर कंपनी NGSL (एनजीएसएल) के हाथों में था और सभी हताहत कर्मी उसी के हैं। हालांकि, इस स्पष्टीकरण के बाद भी जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।
डभरा के एसडीएम करेंगे मामले की जांच
वेदांता प्लांट में कल हुए हादसे की डबरा के एसडीएम जांच करेंगे। कलेक्टर अमृत टोपनो ने यह आदेश जारी किया है। उन्होंने एक माह के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है। जांच के लिए 8 बिंदु तय किए गए हैं। इनमें एक सहायक संचालक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के निरीक्षण करने न करने का मुद्दा भी शामिल हैं।

प्लांट में सुरक्षा मानकों से खिलवाड़
सक्ती के वेदांता थर्मल पावर प्लांट में हुए इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन की पोल खोल दी है। अक्सर सारे नियम और कानूनों का पालन सिर्फ और सिर्फ कागजों तक सीमित रहता है। सवाल यह भी है कि क्या राज्य में औद्योगिक सुरक्षा की निगरानी करने वाले तंत्र खुद सक्रिय हैं या सिर्फ हादसों के बाद ही जागते हैं ? अगर नियमित निरीक्षण और सख्त पालन सुनिश्चित होता, तो शायद ऐसे हादसे टाले जा सकते थे।
उधर सीएम विष्णु देव साय ने कहा है कि इस दुर्घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि सीएम ने निर्देश दिया है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाए और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।



