टीआरपी डेस्क। सर्राफा बाजार के लिए बीता हफ्ता उतार-चढ़ाव से भरा रहा। सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई है, लेकिन निवेशकों के लिए चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बढ़त के बाद भी दोनों कीमती धातुएं अपने लाइफटाइम हाई लेवल से काफी नीचे चल रही हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि ग्लोबल मार्केट में हो रही हलचल का सीधा असर रायपुर से लेकर दिल्ली तक के बाजारों में दिख रहा है।
चांदी में आई 14 हजार की बड़ी तेजी
बता दें कि एमसीएक्स (MCX) पर चांदी की कीमतों ने पिछले पांच दिनों में जबरदस्त रिकवरी की है। 10 अप्रैल को जो चांदी 2,43,274 रुपये प्रति किलो पर थी, वह बीते शुक्रवार को उछलकर 2,58,079 रुपये पर बंद हुई। यानी महज एक हफ्ते में चांदी की चमक 14,805 रुपये बढ़ गई है। गौरतलब है कि चांदी ने इस साल जनवरी में 4,39,337 रुपये का अपना ऐतिहासिक उच्चतम स्तर छुआ था, जिसकी तुलना में यह अभी भी 1.81 लाख रुपये सस्ती मिल रही है।
सोने की चमक भी बढ़ी, पर रिकॉर्ड स्तर से दूर
सोने की कीमतों में भी पिछले हफ्ते बढ़त का रुख रहा। एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोना 1,52,652 रुपये से बढ़कर 1,54,605 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। हफ्ते भर में सोने के दाम में करीब 1,953 रुपये की मजबूती आई है। दरअसल, जनवरी महीने में सोने ने 2 लाख का आंकड़ा पार करते हुए 2,02,984 रुपये का रिकॉर्ड हाई बनाया था, जिससे यह अभी भी 48,379 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता है।
क्या कहते हैं बाजार के एक्सपर्ट?
दरअसल, चांदी और सोने की कीमतों में आई इस तेजी के पीछे वैश्विक आर्थिक समीकरणों को माना जा रहा है। रायपुर के बड़े सराफा कारोबारियों का कहना है कि शादी-ब्याह का सीजन नजदीक होने की वजह से डिमांड बढ़ रही है। हालांकि, जनवरी के मुकाबले कीमतें कम होने से मिडिल क्लास परिवारों के लिए खरीदारी का यह एक अच्छा मौका साबित हो सकता है। फिलहाल 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी के भाव पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।


