रायपुर नगर निगम ने एक ही दिन में ₹1.13 करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड राजस्व वसूला

टीआरपी। नगर पालिक निगम रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत अब मीना बाजार, आनंद मेला, और व्यापार मेलों का आयोजन करना महंगा होने वाला है। निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने मेयर इन काउंसिल (MiC) और सामान्य सभा के निर्णय के बाद प्रदर्शन कर (Exhibition Tax) की नई दरों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश जारी कर दिया है।

रायपुर शहर में निजी और शासकीय जमीनों पर होने वाले बड़े आयोजनों से अब नगर निगम को राजस्व प्राप्त होगा। आयोजकों के लिए अब जमीन के क्षेत्रफल के हिसाब से टैक्स की गणना की जाएगी, जिसका सीधा असर मेलों के टिकट और वहां लगने वाले स्टॉल्स की कीमतों पर पड़ सकता है।

क्षेत्रफल के आधार पर बढ़ेगा टैक्स
आदेश के मुताबिक, भूमि चाहे निजी हो या शासकीय, प्रति 10,000 वर्गफीट तक भूमि का व्यावसायिक उपयोग करने पर 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अतिरिक्त प्रदर्शन शुल्क लिया जाएगा। यह शुल्क क्षेत्रफल बढ़ने के साथ ही हर 10,000 वर्गफीट पर 500 रुपये के गुणांक में बढ़ता जाएगा। चूंकि मेलों और प्रदर्शनियों का आकार बहुत बड़ा होता है, इसलिए निगम ने क्षेत्रफल आधारित दरें निर्धारित की हैं।

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मॉल और सिनेमाघरों के लिए भी नई दरें
आयुक्त द्वारा जारी सूची के अनुसार, मॉल के सिनेमाघरों में अब 600 रुपये प्रति शो (प्रति स्क्रीन) प्रदर्शन शुल्क देना होगा। हालांकि, सिनेमा गृह (₹50), सर्कस (₹100) और जादूगर (₹200) की पुरानी दरें यथावत रखी गई हैं। शासकीय प्रदर्शनी और शासकीय आयोजनों को इस शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।

मुख्य तथ्य

अतिरिक्त शुल्क: ₹500 प्रतिदिन (प्रति 10,000 वर्गफीट)।
मॉल प्रदर्शन शुल्क: ₹600 प्रति शो (प्रति स्क्रीन)।
प्रभावी तिथि: 11 अप्रैल, 2026 से नई दरें लागू।
मंजूरी: सामान्य सभा संकल्प क्रमांक-13, दिनांक 10 अप्रैल, 2026।

नगर निगम के बाजार विभाग ने नई दरों के अनुरूप वसूली शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अब शहर में लगने वाले किसी भी व्यापारिक मेले या मीना बाजार के लिए अनुमति लेते समय क्षेत्रफल के आधार पर अग्रिम शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा।