रायपुर। राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत शुरू हो गई है। आलम यह है कि शहर के कई पंपों पर स्टॉक खत्म के बोर्ड लटक गए हैं। लोग टैंकियां फुल कराने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं। कहीं पैसा अटकने की खबर है, तो कहीं टैंकर्स ही नहीं पहुंच रहे।
GE रोड के पंप सूखे, राजधानी में मचा हड़कंप
रायपुर के सबसे व्यस्त GE रोड के कई पेट्रोल पंप बुधवार को पूरी तरह से ड्राई हो गए। पंप बंद होने की खबर फैलते ही लोगों में घबराहट (Panic) फैल गई। बाइक वाले से लेकर कार वाले तक, हर कोई टंकी फुल कराने की होड़ में लगा है। जो टैंकर पहले हफ्ते भर चलता था, वह अब महज 2-3 दिन में खाली हो रहा है। सप्लाई चेन पूरी तरह बिगड़ चुकी है।
बस्तर और महासमुंद में भी हाहाकार
सिर्फ रायपुर ही नहीं, बल्कि बस्तर और महासमुंद संभाग में भी स्थिति बेहद खराब है। जगदलपुर के मुख्यालय समेत आस-पास के इलाकों के अधिकांश पंप खाली हो चुके हैं। महासमुंद में तो 5 में से 4 पंपों पर तेल ही नहीं है। दंतेवाड़ा में 19 और कांकेर में भी आधे पंप बंद पड़े हैं। खेती-किसानी और परिवहन पर इसका सीधा असर पड़ने लगा है।
नया नियम: पहले पैसा, फिर तेल
पंप संचालकों का कहना है कि पेट्रोलियम कंपनियों ने अब नए और कड़े नियम लागू कर दिए हैं। अब जब तक एक टैंकर पेट्रोल की एडवांस कीमत नहीं चुकाई जाती, तब तक कंपनी टैंकर रवाना नहीं कर रही। कई छोटे पंप संचालक इतना कैश तुरंत नहीं दे पा रहे, जिससे सप्लाई और भी प्रभावित हो रही है।
रेलवे पर भी पड़ा असर, 12 इंजन हुए बंद
ईंधन की इस किल्लत का असर रायपुर रेल मंडल पर भी दिखा है। डीजल की खपत कम करने के लिए मंडल ने अपने 40 में से 12 डीजल इंजनों को संचालन से बाहर कर दिया है। अब केवल 28 इंजन और पावर कार ही नियमित रूप से चलाए जाएंगे। रेलवे प्रशासन ने डीजल उपयोग की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
पेट्रोल पंपों का हाल
- रायपुर के GE रोड पर लगी लंबी कतारें।
- महासमुंद के 5 में से 4 पेट्रोल पंप सूखे।
- दंतेवाड़ा के 19 पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म।
- पेट्रोलियम कंपनियों ने एडवांस पेमेंट को किया अनिवार्य।


