टीआरपी डेस्क। पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर वोटिंग से ठीक दो दिन पहले बहुत बड़ा सियासी उलटफेर हो गया है। यहां से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने अचानक चुनाव से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस सीट पर 21 मई को दोबारा वोटिंग होनी है। लेकिन मतदान से महज 48 घंटे पहले उम्मीदवार के इस फैसले ने सबको हैरान कर दिया है।

पार्टी सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक, चुनाव मैदान छोड़ने से ठीक पहले जहांगीर खान ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई है। जहांगीर को डर है कि वोटिंग की तारीख से पहले पुलिस उन्हें किसी पुराने मामले में गिरफ्तार कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके खिलाफ मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर फर्जी एफआईआर दर्ज की है। हाई कोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल बेंच ने उनकी अर्जी स्वीकार कर ली है। अब इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार दोपहर 2 बजे होगी।

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टीएमसी प्रवक्ता भी हैरान, बोले- वजह नहीं पता

जहांगीर खान के इस फैसले से खुद उनकी पार्टी भी सकते में है। टीएमसी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने साफ कहा कि पार्टी को जहांगीर खान के चुनाव न लड़ने के फैसले की जानकारी मिली है, लेकिन उन्होंने ऐसा क्यों किया, इसकी असली वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, जहांगीर खान ने फाल्टा चुनाव में हिस्सा न लेने का मन बना लिया है, मगर इसके पीछे का कारण हमारे पास भी नहीं है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें जहांगीर खान खुद चुनाव से हटने का ऐलान करते दिख रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस से मांगी मामलों की पूरी लिस्ट

जहांगीर खान ने अपनी अदालती अर्जी में एक और बड़ी मांग रखी है। उन्होंने कोर्ट से गुजारिश की है कि राज्य सरकार को यह निर्देश दिया जाए कि वह उनके खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर की जानकारी दें। वह जानना चाहते हैं कि पुलिस ने उन पर क्या-क्या आरोप लगाए हैं। फाल्टा सीट पर पहले हुई वोटिंग के दौरान गड़बड़ी की शिकायतें आई थीं, जिसके बाद चुनाव आयोग ने यहां 21 मई को दोबारा पूरी सीट पर मतदान कराने का फैसला किया था। अब देखना होगा कि टीएमसी उम्मीदवार के हटने के बाद इस सीट का चुनावी समीकरण क्या मोड़ लेता है।

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