टीआरपी डेस्क। CBSE Revaluation Copy Issue: सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट के बाद री-इवैल्यूएशन को लेकर एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रायपुर संभाग के एक छात्र ने जब अपनी फिजिक्स की कॉपी दोबारा जांचने के लिए बोर्ड में अप्लाई किया, तो उसे जो कॉपी मिली उसे देखकर उसके होश उड़ गए। बोर्ड ने छात्र को किसी दूसरे बच्चे की कॉपी थमा दी थी। इस गड़बड़ी के कारण छात्र के नंबर बहुत कम हो गए थे।

छात्र के एक ट्वीट से दिल्ली तक मच गया हड़कंप

रायपुर के रहने वाले 12वीं के छात्र वेदांत ने जब री-इवैल्यूएशन के बाद बोर्ड की वेबसाइट से अपनी स्कैन कॉपी डाउनलोड की, तो उसे तुरंत समझ आ गया कि यह हैंडराइटिंग उसकी है ही नहीं। किसी दूसरे की कॉपी के आधार पर वेदांत को फिजिक्स में सिर्फ 50 नंबर दे दिए गए थे। इसकी वजह से उसका ओवरऑल पर्सेंटेज बहुत नीचे गिर गया। वेदांत ने बिना देर किए इस पूरी गड़बड़ी का स्क्रीनशॉट अपने X (ट्विटर) अकाउंट पर शेयर कर दिया। छात्र ने सीधे बोर्ड से पूछा कि डिजिटलाइजेशन के चक्कर में उसकी असली कॉपी कहां गायब हो गई?

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सीबीएसई ने मानी अपनी गलती, रातों-रात भेजी असली कॉपी

सोशल मीडिया पर मामला वायरल होते ही दिल्ली में बैठे सीबीएसई के आला अधिकारी तुरंत एक्शन में आ गए। जयस्तंभ चौक और कलेक्ट्रेट के पास के स्कूलों में भी इस बात की चर्चा तेज हो गई। सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड ने अपनी गलती मान ली है। अधिकारियों ने तुरंत मेल के जरिए वेदांत को उसकी असली ओरिजिनल कॉपी भेज दी है। बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि नंबरों को जल्द ही ठीक करके नई मार्कशीट जारी की जाएगी। अधिकारियों ने माना कि देश में ऐसे दो मामले सामने आए हैं जहाँ बच्चों की कॉपियां आपस में बदल गईं।
पोर्टल सुधारने के लिए बुलाई गई IIT और PSB के दिग्गजों की टीम

इस बार सीबीएसई के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर शुरू से ही काफी दिक्कतें आ रही हैं। रायपुर के कई पैरेंट्स ने शिकायत की थी कि फॉर्म भरते समय किसी छात्र से बहुत ज्यादा फीस कट रही है, तो किसी की कम फीस लग रही है। अब सरकार ने इस तकनीकी खराबी को जड़ से खत्म करने के लिए बड़ा फैसला लिया है।

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पोर्टल को ठीक करने के लिए देश के सबसे बड़े संस्थान IIT के कंप्यूटर एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है। बैंकिंग और सरकारी सिस्टम को संभालने वाले पब्लिक सेक्टर बैंक (PSB) के तकनीकी विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। अगले कुछ दिनों में पूरे सर्वर को अपडेट कर दिया जाएगा ताकि बाकी बच्चों को ऐसी परेशानी न हो।