टीआरपी। अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग ने एक बड़े विशेष अभियान के तहत 36 वाहनों को जब्त किया है। जिला खनिज जांच उड़नदस्ता दल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए औचक निरीक्षण के बाद यह बड़ी कार्रवाई सामने आई है।
इस कड़ी कार्रवाई से बस्तर क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों की अवैध लूट पर लगाम लगेगी और सरकारी राजस्व को होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा। इसके अलावा, अवैध रूप से चल रहे भारी वाहनों के जब्त होने से स्थानीय सड़कों की बर्बादी और दुर्घटनाओं के खतरे में भी कमी आएगी।
उपनपाल से बनियागांव तक ताबड़तोड़ छापेमारी
खनिज अधिकारी के मार्गदर्शन में गठित जांच दल ने उपनपाल, देवड़ा, कोडेनार, बड़ेआमाबाल, कोरपाल, बस्तर, खोरखोसा, बेलगांव, धरमपुरा, जगदलपुर, कुम्हरावंड, पिपलावंड, बजावंड, बडांजी, छापरमानपुरी, तारापुर एवं बनियागांव क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान अवैध रूप से गौण खनिज रेत एवं चूना पत्थर का उत्खनन और परिवहन करते पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किए गए। सभी 36 वाहनों को जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है।
इसके अतिरिक्त चार भंडारणकर्ताओं के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। इस पूरी कार्रवाई में खनिज अधिकारी श्री शिखर चेरपा, सहायक खनिज अधिकारी श्री जागृत गायकवाड और खनिज निरीक्षक श्री अंकित पुरी सहित उड़नदस्ता दल की मुख्य भूमिका रही।
जब्त वाहनों की संख्या: अवैध परिवहन में संलिप्त कुल 36 वाहन पुलिस अभिरक्षा में सौंपे गए।
कार्रवाई के दायरे में आए क्षेत्र: बस्तर जिले के 17 से अधिक प्रमुख ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया गया।
कानूनी प्रावधान: सभी मामलों में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज अधिनियम 1967 की धारा 21 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बस्तर में अवैध उत्खनन के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। खनिज विभाग आने वाले दिनों में संवेदनशील इलाकों में चेकपोस्ट और गश्त बढ़ाने की तैयारी कर रहा है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर और अधिक कठोर कार्रवाई की जा सके।


