खरीफ सीजन के लिए खाद-बीज गड़बड़ी पर 8 केंद्रों पर लगा प्रतिबंध

टीआरपी। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अब तक 8 विक्रय केंद्रों के लाइसेंस और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।


खरीफ सीजन की शुरुआत में खाद और बीज की किल्लत या कालाबाजारी से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कोरबा जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई और पर्याप्त भंडारण से स्थानीय किसानों को सही समय और सही दाम पर कृषि इनपुट मिलेंगे, जिससे इस साल फसल की बुआई बिना किसी बाधा के समय पर पूरी हो सकेगी।

कृषि विभाग के उप संचालक डी.पी.एस. कंवर ने स्पष्ट किया है कि जिले की सहकारी समितियों में खाद-बीज का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के कड़े निर्देश के बाद उर्वरक निरीक्षकों की टीमों ने 1 अप्रैल 2026 से अब तक 115 केंद्रों का औचक निरीक्षण किया है। इस जांच में पाई गई कमियों के आधार पर 28 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि एक केंद्र से 58 बोरी अवैध यूरिया जब्त किया गया है। दोषी विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।

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इस बार प्रशासन ने किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला लिया है। सहकारी समितियों में रासायनिक खादों के साथ दिए जाने वाले नैनो यूरिया या नैनो डीएपी को पूरी तरह से स्वैच्छिक यानी वैकल्पिक कर दिया गया है। किसी भी किसान को इसे जबरन लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, भूमि की जैविक गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र लखनपुर और कृषि महाविद्यालय कटघोरा के माध्यम से नील हरित काई (जैव उर्वरक) और हरी खाद के रूप में ढैंचा एवं मूंग के बीजों का वितरण भी रियायती दरों पर किया जा रहा है।

कोरबा की सहकारी समितियों में इस सीजन के लिए 12 हजार 700 मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य है, जिसके मुकाबले 7 हजार 132.58 मीट्रिक टन (56.16 प्रतिशत) का भंडारण पूरा हो चुका है।

जिले में वर्तमान में 11 हजार 402.50 लीटर नैनो तरल उर्वरक का स्टॉक सुरक्षित है, और समितियों में 6,002.64 मीट्रिक टन पारंपरिक खाद उठाव के लिए शेष है।

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कलेक्टर के निर्देशानुसार कृषि विभाग की टीमें आगे भी निजी और सहकारी केंद्रों पर औचक निरीक्षण जारी रखेंगी। आने वाले हफ्तों में मानसून के आगमन के साथ ही सोसायटियों से खाद और हरी खाद के बीजों का उठाव और तेज होने की उम्मीद है, जिस पर प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग बनाए रखेगा।