आयुष विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेन डेका और CM विष्णु देव साय शामिल हुए

टीआरपी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में 9 हजार 194 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशयलिटी की उपाधियां प्रदान की गईं। रायपुर के इस भव्य समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

यह दीक्षांत समारोह छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य को एक साथ 9 हजार से अधिक नए डॉक्टर और मेडिकल प्रोफेशनल्स मिले हैं। बस्तर जैसे दूरस्थ अंचलों में नक्सल उन्मूलन के बाद बढ़ रही विकास गतिविधियों के बीच, इन नए चिकित्सकों की तैनाती से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की स्वास्थ्य अधोसंरचना को भारी मजबूती मिलेगी।

डिजिटल एडिक्शन और ‘पॉपकॉर्न मेंटल स्टेटस’ पर चिंता


दीक्षांत समारोह के अध्यक्षीय उद्बोधन में राज्यपाल रमेन डेका ने आज के दौर की सबसे बड़ी समस्या ‘डिजिटल एडिक्शन’ पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि युवाओं को ‘पॉपकॉर्न मेंटल स्टेटस’ (त्वरित और कृत्रिम संतुष्टि की चाह) से बाहर आना होगा, क्योंकि यह सोचने-समझने की क्षमता को खत्म कर रहा है। राज्यपाल ने दृढ़ संकल्प के साथ 30 दिनों के भीतर मोबाइल एडिक्शन से मुक्त होने का आह्वान करते हुए बच्चों को खेल-कूद जैसी बाहरी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।

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नवस्नातक चिकित्सकों को उनके दायित्वों की याद दिलाते हुए राज्यपाल ने कहा कि डॉक्टरों के सफेद कोट पर कभी कोई दाग नहीं आना चाहिए। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में ‘नेबरहुड डॉक्टर’ और ‘फैमिली फिजिशियन’ की आत्मीय परंपरा को पुनर्जीवित करने और मरीजों के लिए ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व को समझने पर जोर दिया। इसके साथ ही, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण करने का आग्रह किया।

समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह उपाधि केवल एक डिग्री नहीं बल्कि समाज और मानवता के प्रति नई जिम्मेदारियों का संकल्प है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को केवल खनिज और कृषि तक सीमित न रखकर ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार का केंद्र बनाना उनका लक्ष्य है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी राज्य में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की जानकारी दी। समारोह में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के डॉ. वेदप्रकाश मिश्रा और कुलपति डॉ. पी. के. पात्रा सहित कई गणमान्य नागरिक और विधायक पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।

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कुल उपाधियां: चिकित्सा संकाय के विभिन्न विषयों में कुल 9,194 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।

वर्गीकरण: कुल डिग्रियों में 7,545 स्नातक (Undergraduate), 1,645 स्नातकोत्तर (Postgraduate) और 5 सुपर स्पेशयलिटी उपाधियां शामिल हैं।

समारोह की तिथि: यह चतुर्थ दीक्षांत समारोह 5 जून 2026 को रायपुर में संपन्न हुआ।

विशेष अभियान: राज्यपाल ने पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण की अपील की।

दीक्षांत समारोह से डिग्री लेकर निकले ये 9 हजार से अधिक नए डॉक्टर जल्द ही छत्तीसगढ़ के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में अपनी सेवाएं देना शुरू करेंगे। राज्य सरकार की योजना के अनुसार, इनमें से एक बड़े हिस्से को सुदूर ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में टेलीमेडिसिन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण चिकित्सा व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।