अध्यात्म डेस्क। ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प दोष को बेहद खतरनाक और नकारात्मक योगों में से एक माना गया है। द्रिक पंचांग के मुताबिक कल यानी 9 जून से लेकर 23 जून 2026 के बीच आकाश मंडल में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जब चंद्रमा राहु और केतु के घेरे में प्रवेश करेंगे, तो पूर्ण कालसर्प योग (Kaal Sarp Yog) की स्थिति बन जाएगी। कल चंद्रमा कुंभ राशि में जाएंगे जहां केतु पहले से मौजूद हैं। राहु-केतु के इस चक्र के कारण अगले 14 दिनों तक कुछ राशि के जातकों को मानसिक तनाव, पैसों का नुकसान और करियर में बड़ी रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि इस दौरान किन राशियों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।
वृषभ और सिंह राशि: सुखों में आएगी कमी, पार्टनरशिप में बढ़ सकता है तनाव
वृषभ राशि (Taurus) के जातकों के लिए यह योग चौथे और दसवें भाव को प्रभावित करने वाला है। इस दौरान आपकी माता जी की सेहत खराब हो सकती है जिससे चिंता बढ़ेगी। जमीन या गाड़ी से जुड़े मामलों में विवाद होने की पूरी आशंका है। घर की सुख-शांति पर असर पड़ेगा, इसलिए पैतृक संपत्ति के मामलों को गुस्से के बजाय शांति से सुलझाएं। वहीं सिंह राशि (Leo) के लोगों के लिए केतु उनकी ही राशि में बैठे हैं और राहु सातवें भाव में रहेंगे। इसके चलते जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ गंभीर मतभेद हो सकते हैं। आपकी सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ेगा, इसलिए कोई भी नया व्यापारिक समझौता या पार्टनरशिप (Business Partnership) करने से अभी बचें।
वृश्चिक और कुंभ राशि: ऑफिस में होगी राजनीति, सेहत और धन का हो सकता है नुकसान
वृश्चिक राशि (Scorpio) के लोगों के चौथे और दसवें भाव पर इस योग का असर रहेगा। आपके ऑफिस या कार्यक्षेत्र में आपके खिलाफ कोई बड़ी साजिश या राजनीति हो सकती है। मन में नौकरी बदलने का विचार बार-बार आएगा, लेकिन जल्दबाजी में लिया गया फैसला भारी नुकसान करा सकता है। वर्कप्लेस (Workplace) पर सहकर्मियों के साथ बहस से बचें। कुंभ राशि (Aquarius) के जातकों की बात करें तो राहु आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं। कालसर्प योग का सीधा असर आपके स्वभाव और सेहत पर दिखेगा। अचानक बड़े खर्चे सामने आ सकते हैं। सिरदर्द या मानसिक भ्रम की स्थिति बनी रहेगी। चोट लगने का भी डर है, इसलिए गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें और कहीं भी बड़ा निवेश (Investment) न करें।
अशुभ प्रभावों से बचने के लिए जरूर करें ये आसान उपाय
इस कालसर्प दोष के बुरे असर से बचने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कुछ बेहद सरल और अचूक उपाय (Remedies) बताए गए हैं। इस 14 दिनों की अवधि में रोज सुबह तांबे के लोटे से शिवलिंग पर जल या दूध चढ़ाएं और ‘ऊं नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। भगवान शिव की पूजा से कालसर्प दोष का प्रभाव खत्म हो जाता है। इसके अलावा शाम के समय राहु मंत्र ‘ऊं रां राहवे नमः’ या केतु मंत्र का जाप करना भी फायदेमंद रहता है। शनिवार या बुधवार के दिन किसी जरूरतमंद को काले तिल, सात अनाज या कंबल का दान करने से राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव शांत होते हैं और जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।



