बिलासपुर। बेलगहना की 87 वर्षीय बालकुंवर बसोड़ को न्याय के लिए इच्छामृत्यु मांगनी पड़ी। SSP रजनेश सिंह तक मामला पहुंचने के बाद केंदा के पंच फागुन प्रसाद प्रजापति उर्फ मोनू पर FIR दर्ज हुई। आरोप है कि पंच ने KYC और धान पंजीयन का झांसा देकर बुजुर्ग की 90 लाख की संपत्ति हड़प ली।

मदद का भरोसा देकर हड़प लिये लाखों रुपए

बालकुंवर बसोड़ के पति और तीन बेटों की मौत हो चुकी है। वह बांस की टोकरी बनाकर गुजारा करती हैं। आरोप है कि पंच फागुन प्रजापति ने मदद का भरोसा देकर 14 दिसंबर 2021 को उनके SBI खाते से 23 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।

जमीन-जेवर भी हड़पे

आरोप है कि पांच फागुन प्रजापति लूफा ग्राम पंचायत के खसरा नंबर 763 और 991/2 की 6.34 एकड़ कृषि भूमि भी धोखे से अपने नाम करा ली। इसके अलावा सोने-चांदी के जेवर भी ले गया। जुलाई-सितंबर 2022 में कोटा तहसील ले जाकर धान बेचने के नाम पर अंगूठा लगवाकर नामांतरण भी करा लिया।

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गाड़ियां भी अपने नाम कराईं

दिवंगत बेटे रमेश की सेंट्रो कार, एक्टिवा और डिलीवरी गाड़ी पहले बालकुंवर के नाम हुए। आरोप है कि बीमा बढ़ाने का बहाना बनाकर तीनों वाहन भी अपने नाम ट्रांसफर करा लिए।

थाने से लौटाती रही पुलिस

बुजुर्ग ने बेलगहना चौकी, कोटा SDOP और SP दफ्तर के चक्कर काटे। आरोप है कि पुलिस ने आरोपी से 2 लाख रुपये लेकर केस बंद कर दिया और कोर्ट जाने को कहा।

इच्छामृत्यु मांगी तब जागा सिस्टम

न्याय न मिलने पर बालकुंवर IG दफ्तर पहुंचीं। IG से मुलाकात न होने पर DSP विवेक शर्मा को आवेदन देकर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी। इसके बाद शिकायत SSP रजनेश सिंह तक गई। SSP के निर्देश पर धोखाधड़ी, संपत्ति हड़पने की धाराओं में FIR दर्ज हुई।

बुजुर्ग ने PM, CM और अफसरों को भी पत्र लिखकर न्याय मांगा था। कुल 90 लाख की संपत्ति हड़पने का आरोप है। माना जा रहा है कि SSP रजनेश सिंह के पास मामला पहुंचने के बाद इस बुजुर्ग महिला को न्याय मिलेगा।

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