TMC political controversy: कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार और बागी गुटों के दलबदल के बाद के पार्टी में चल रही राजनीतिक लड़ाई अब पार्टी के करोड़ों रुपए के चुनावी फंड तक पहुंच गई है। पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने कोलकाता स्थित एचडीएफसी बैंक की एक शाखा को पत्र लिखकर तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज़ करने का अनुरोध किया है।

TMC political controversy: बागी गुट से वित्तीय नियंत्रण छिनने की कोशिश

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पार्टी के भीतर बड़े पैमाने पर असंतोष और विद्रोह की स्थिति बनी हुई है। पार्टी नेतृत्व को आशंका है कि बागी गुट संगठन के बैंक खातों और वित्तीय संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर सकता है।

TMC political controversy: बैंक को भेजे पत्र में जताई आशंका

मीडिया के अनुसार, अरूप बिस्वास ने बैंक को भेजे गए पत्र में स्वयं को पार्टी का कोषाध्यक्ष बताते हुए अनुरोध किया कि नेतृत्व विवाद के समाधान तक खातों से जुड़े सभी प्रकार के लेनदेन और संचालन पर रोक लगाई जाए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर विभिन्न गुट खुद को अधिकृत पदाधिकारी बताकर खातों के संचालन का प्रयास कर सकते हैं।

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TMC political controversy: बता दें कि, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने संगठन में व्यापक फेरबदल किया था। 5 जून को दक्षिण कोलकाता की टॉलीगंज विधानसभा सीट पर हार के बाद अरूप बिस्वास को कोषाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। उनकी जगह सुभाशीष चक्रवर्ती को नई जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

TMC political controversy: सांसदों और विधायकों में बढ़ी बगावत

कोलकाता स्थित एचडीएफसी बैंक की सेंट्रल प्लाज़ा शाखा को भेजे गए पत्र में पार्टी के भीतर गहराते विभाजन का भी उल्लेख किया गया है। पत्र के अनुसार, मौजूदा नेतृत्व को पार्टी के 28 सांसदों में से केवल आठ सांसदों तथा 60 विधायकों में से दो विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जबकि शेष 20 सांसद और 58 विधायक कथित रूप से बागी गुट के साथ खड़े हैं।

TMC political controversy: सभी लेनदेन रोकने की मांग

अरूप बिस्वास ने बैंक से आग्रह किया है कि पार्टी खातों की मौजूदा स्थिति को यथावत रखा जाए तथा किसी भी प्रकार के डेबिट लेनदेन, फंड ट्रांसफर, देनदारियों या संचालन संबंधी नियमों में बदलाव की अनुमति न दी जाए।

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TMC political controversy: खाली हस्ताक्षरित चेकों पर भी चिंता

उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि पार्टी मुख्यालय में प्रशासनिक खर्चों के लिए पहले से हस्ताक्षरित कुछ खाली चेक रखे गए हैं, जिनका दुरुपयोग किया जा सकता है। पत्र में दावा किया गया है कि यदि ये चेक बागी गुट के हाथ लग जाते हैं, तो उनके माध्यम से पार्टी के बैंक खातों से धन निकाला जा सकता है या उसे अन्य खातों में स्थानांतरित किया जा सकता है।