कवर्धा/कबीरधाम। जिले में धान खरीदी में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। बोड़ला ब्लॉक के धान उपार्जन केंद्र बम्हनी समनापुर में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान 77 लाख 26 हजार 5 रुपये की आर्थिक अनियमितता पकड़ी गई है। संयुक्त जांच में 2386.52 क्विंटल धान और 8554 बारदानों की कमी मिली। खरीदी प्रभारी, समिति प्रबंधक और तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ रेंगाखार जंगल थाने में FIR दर्ज हुई है।

इस तरह हुआ घोटाले का खुलासा

खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की संयुक्त टीम ने 12 जून 2026 को आकस्मिक निरीक्षण किया। भौतिक सत्यापन में ऑनलाइन स्टॉक और वास्तविक भंडारण में भारी अंतर मिला।

शिकायत के मुताबिक केंद्र में 15 नवंबर 2025 से 6 फरवरी 2026 के बीच कुल 55,220.40 क्विंटल धान खरीदा गया था। जांच में 2386.52 क्विंटल धान कम मिला, जिसकी कीमत 73,98,212 रुपये है। साथ ही 8554 नग उपयोग विहीन बारदाने भी गायब मिले, जिनकी कीमत 3,27,793 रुपये है। कुल मिलाकर 77,26,005 रुपये की क्षति हुई।

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हस्ताक्षर भी गायब

जांच में सामने आया कि खरीदी पंजी की क्लोजिंग रिपोर्ट पर समिति प्रबंधक और नोडल अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। 

इन पर हुई FIR

जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर खाद्य शाखा और उप आयुक्त सहकारिता के निर्देश पर कार्रवाई हुई। तत्कालीन खरीदी प्रभारी मतुलाल झारिया, समिति प्रबंधक अनिल कुमार चंद्राकर और तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर छन्नू राम साहू के खिलाफ केस दर्ज किया गया। 

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव की रेंगाखार कला शाखा के प्रबंधक अमित चंदेल की शिकायत पर रेंगाखार जंगल पुलिस ने BNS की धारा 316(5), 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वसूली और अभियोजन होगा

प्रशासन ने कहा है कि जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों-कर्मचारियों से शासन को हुई आर्थिक क्षति की वसूली की जाएगी। साथ ही नियमानुसार अभियोजन की कार्रवाई भी होगी।