₹61 लाख की लागत से खुला ढोलकल ट्रैकिंग रूट

टीआरपी। दंतेवाड़ा जिले में प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने बहुप्रतीक्षित ढोलकल ट्रैकिंग रूट का आधिकारिक रूप से लोकार्पण कर दिया है। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के सहयोग से लगभग 61.05 लाख रुपये की लागत से इस पूरे रूट को पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से आधुनिक तरीके से विकसित किया गया है।

दंतेवाड़ा का ढोलकल क्षेत्र अपनी ऐतिहासिक धरोहर (ढोलकल गणेश प्रतिमा) और अछूते प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन दुर्गम रास्तों के कारण यहां तक पहुंचना काफी कठिन था। इस नए ट्रैकिंग रूट के शुरू होने से न केवल देश-विदेश के एडवेंचर टूरिस्ट यहां सुरक्षित पहुंच सकेंगे, बल्कि गाइड, होमस्टे और स्थानीय परिवहन के माध्यम से बस्तर के आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।

बस्तर के पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा ढोलकल

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि दंतेवाड़ा जिला घने जंगलों, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक-आध्यात्मिक स्थलों से समृद्ध है। इस नए ट्रैकिंग रूट के विकसित होने से बस्तर में एडवेंचर टूरिज्म (साहसिक पर्यटन) का एक नया अध्याय शुरू होगा। यह परियोजना इस वनांचल क्षेत्र की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगी। अब पहाड़ों और जंगलों से घिरे इस खूबसूरत क्षेत्र तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित हो गया है।

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कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। प्रशासन की ओर से पुलिस अधीक्षक गौरव राय और वनमंडलाधिकारी (DFO) रामकृष्णा रंगनाथा वाय भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस रूट के निर्माण में प्रकृति संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए स्थानीय समुदाय की भागीदारी से पर्यटन को टिकाऊ और कमाऊ बनाया जा सके।

कुल विकास लागत: ढोलकल ट्रैकिंग रूट को विकसित करने में 61 लाख 5 हजार रुपये खर्च किए गए हैं।

वित्तीय स्रोत: इस पूरी साहसिक पर्यटन परियोजना का निर्माण जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के अंतर्गत हुआ है।

प्रमुख उपस्थिति: लोकार्पण समारोह में प्रभारी मंत्री के साथ स्थानीय विधायक चैतराम अटामी और नगर पालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता भी मुस्तैद रहीं।

इस आधिकारिक लोकार्पण के बाद अब वन विभाग और पर्यटन विकास बोर्ड स्थानीय बस्तर सफारी और ट्रेकर्स ग्रुप के साथ मिलकर ऑनलाइन बुकिंग और स्थानीय युवाओं को बतौर टूरिस्ट गाइड नियुक्त करने की प्रक्रिया को लाइव करेगा, जिससे मानसून सीजन में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

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रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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