टीआरपी डेस्क। तिल्दा थाने के सामने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने समर्थकों और सैकड़ों ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए हैं। मामला एक उद्योग और प्लांट के लिए नियमों को किनारे रखकर फर्जी NOC बांटने का है। बघेल ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि जब तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं होती, वे यहां से उठने वाले नहीं हैं।
थाने के सामने क्यों मचा है बवाल?
तिल्दा इलाके में एक नए प्लांट को खड़ा करने की तैयारी चल रही है, लेकिन जिस तरह से इसके लिए NOC हासिल की गई, उस पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने नियमों की धज्जियां उड़ाकर पर्दे के पीछे से सब सेट कर दिया। आज जब बात हद से आगे बढ़ गई, तो ग्रामीण उग्र हो गए और थाने का दरवाजा खटखटाया। भूपेश बघेल ने इन ग्रामीणों का मोर्चा संभाल लिया है।
प्रशासन की चुप्पी से गहराया शक
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी धांधली सामने आने के बाद भी स्थानीय प्रशासन पूरी तरह खामोश है। धरने पर बैठे भूपेश बघेल ने कहा कि आखिर प्रशासन किसे बचा रहा है? ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उनका कहना है कि सरकारी दफ्तरों में बैठकर जो खेल खेला गया, उसमें कई बड़े चेहरे शामिल हो सकते हैं। पुलिस फिलहाल आला अधिकारियों के आदेश का इंतजार कर रही है, लेकिन बाहर भीड़ बढ़ती ही जा रही है।
जवाब देना ही होगा
भूपेश बघेल ने दो टूक कहा कि हमारी मांग एकदम साफ है इस पूरे फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच हो और जितने भी लोग इसमें शामिल हैं, उन पर तुरंत कानूनी कार्रवाई हो। जब तक भ्रष्टाचारियों के खिलाफ FIR नहीं होती, तब तक यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है।
मौके पर पुलिस के बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। मगर ग्रामीण और भूपेश बघेल अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।



