पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा के दफ्तर पर उग्र भीड़ ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले के दौरान सांसद कार्यालय के भीतर ही मौजूद थीं, जबकि बाहर खड़ी भीड़ ने दफ्तर पर पथराव किया, अंडे फेंके और काले झंडे दिखाकर जमकर नारेबाजी की।

दफ्तर घेरा, पुलिस के सामने फेंके अंडे और सब्जियां

सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक वीडियो शेयर करते हुए इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। जानकारी के अनुसार जब वह अपने पार्टी कार्यालय में बैठक कर रही थीं, तभी वहां भारी संख्या में लोग जुट गए। भीड़ ने ‘वापस जाओ’ और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाते हुए खिड़कियों पर अंडे और सब्जियां फेंकना शुरू कर दिया। मोइत्रा ने आरोप लगाया कि यह हमला BJP के इशारे पर किया गया है और मौके पर मौजूद पुलिस व CRPF के जवान मूकदर्शक बने रहे। उन्होंने राज्य के डीजीपी पर फोन न उठाने का भी आरोप लगाया।

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बंगाल में नेताओं पर ‘एग अटैक’ का पुराना ट्रेंड

पश्चिम बंगाल की राजनीति में नेताओं को निशाना बनाने के लिए अंडों का इस्तेमाल नया नहीं है। इससे पहले 16 जून को टीएमसी विधायक कुणाल घोष पर भी मीडिया से बात करते समय सिर पर अंडा फेंका गया था। इसके अलावा उदयन गुहा, सुजॉय हाजरा, और खुद ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर भी सोनारपुर में भीड़ ने अंडों, पत्थरों और चप्पलों से हमला किया था। टीएमसी इन सभी मामलों के पीछे भारतीय जनता पार्टी का हाथ बताती रही है, जबकि बीजेपी का कहना है कि यह स्थानीय जनता का स्वतः स्फूर्त गुस्सा है।