Ram Mandir Trust News: राम मंदिर निर्माण से जुड़ी आर्थिक अनियमितताओं और चंदे को लेकर एक बार फिर बवाल मच गया है। इस बार छत्तीसगढ़ के दिग्गज नेता टीएस सिंहदेव ने सीधा मोर्चा खोला है। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिंहदेव ने एक्स पोस्ट कर कहा कि संगठन खुद चंदे की कथित चोरी और धांधली के आरोपों में घिरा है, उसे दूसरों पर उंगली उठाने का कोई हक नहीं है।

विपक्ष से पूछताछ कुतर्क की पराकाष्ठा

हाल ही में विपक्षी नेताओं से पूछताछ की मांग उठी थी, जिस पर सिंहदेव ने तंज कसा। उन्होंने इसे कुतर्क की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि ये अपनी जवाबदेही से बचने का एक पुराना तरीका है। जब भी मंदिर के पैसों या जमीन को लेकर सवाल उठते हैं, तो जवाब देने के बजाय सवाल उठाने वालों को ही निशाना बनाया जाता है। सिंहदेव के मुताबिक, विपक्ष का काम सवाल पूछना है और वे करोड़ों श्रद्धालुओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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जिम्मेदारी से क्यों भाग रहे ट्रस्ट और सरकार?

टीएस सिंहदेव ने सीधे तौर पर कहा कि जवाबदेही उन लोगों की बनती है जिन्होंने ट्रस्ट बनाया और जो वर्षों से इसका संचालन कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था और इसके महासचिव वीएचपी के चंपत राय हैं। उन्होंने सवाल किया कि श्रेय लेने के वक्त आगे रहने वाले लोग अब आर्थिक अनियमितताओं पर खामोश क्यों हैं?

स्वतंत्र जांच की मांग

सिंहदेव ने राज्य सरकार की मौजूदा एसआईटी जांच पर भी सवाल खड़े किए। उनका मानना है कि जिस एजेंसी पर सत्ता का प्रभाव हो, वहां न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की है कि राम मंदिर जैसे आस्था के मुद्दे पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।