रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों परिवारों के लिए बड़ी खबर है। अगर आपका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की सूची में नहीं आ पाया है, तो अब राहत मिल सकती है। राज्य सरकार ने उन परिवारों की सुध ली है जो तकनीकी गलतियों की वजह से सरकारी मदद से वंचित रह गए थे।

क्यों छूटे थे नाम?

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस मुद्दे पर बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को चिट्ठी लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। शर्मा का कहना है कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण कई असली हकदार लिस्ट से बाहर हो गए थे। सरकार अब चाहती है कि एक भी पात्र परिवार अपने पक्के घर के सपने से दूर न रहे।

क्या बोले विजय शर्मा?

सूत्रों के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री ने साफ़ कर दिया है कि पात्र हितग्राहियों को छोड़कर आगे बढ़ना गलत है। उन्होंने कहा, हमारी कोशिश है कि योजना के दायरे में आने वाला हर एक परिवार लाभ ले सके।

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छत्तीसगढ़ ने इस योजना की लिस्ट तैयार करने में रिकॉर्ड बनाया है। देश के उन राज्यों में हमारा नाम सबसे ऊपर है जिन्होंने यह काम सबसे पहले निपटाया था। इसके बावजूद अगर कोई तकनीकी खामी रह गई, तो उसे ठीक किया जाएगा।

कितना काम हुआ अब तक?

आंकड़ों पर नजर डालें तो राज्य में अब तक 11 लाख से ज्यादा पक्के घर बन चुके हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास न्याय योजना के तहत 47 हजार घर बनकर तैयार हो चुके हैं। इसी के साथ जनमन योजना के तहत राज्य को 15 हजार अतिरिक्त घर मिले हैं।

अगर नाम नहीं है तो क्या करें

अगर आप पात्र हैं, तो घबराएं नहीं। अपने नजदीकी पंचायत कार्यालय या ब्लॉक दफ्तर में संपर्क करें। वहां जाकर पता करें कि आवेदन की प्रक्रिया क्या है। राज्य सरकार ने अपील की है कि सही दस्तावेज के साथ आगे आएं ताकि आपका नाम अगली सूची में शामिल हो सके।

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