छत्तीसगढ़ के सरगुजा में काले बादलों के बीच हो रही मानसूनी बारिश का दृश्य
उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की चाल एक बार फिर बदलने वाली है। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में कुछ जिलों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

सरगुजा संभाग में सबसे ज्यादा असर, 4 जिलों में यलो अलर्ट

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटे में सरगुजा संभाग में सबसे अच्छी बारिश देखी गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने रविवार को सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इन 4 जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के साथ यलो अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अगले 5 दिनों तक उत्तर छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा।

13 जुलाई से बढ़ेगी आफत, आकाशीय बिजली का खतरा

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 13 जुलाई से पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में और ज्यादा बढ़ोतरी होने की संभावना है। बादलों की आवाजाही के साथ कई क्षेत्रों में गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। यही वजह है कि विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न जाने की अपील की है। विशेषकर किसानों को खेतों में काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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औसत से 21% कम बरसे बादल, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

भले ही पिछले 24 घंटे में कुछ जगहों पर राहत मिली हो, लेकिन पूरे मानसून सीजन की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। छत्तीसगढ़ में जुलाई के दूसरे सप्ताह में मानसून की रफ्तार काफी कमजोर पड़ गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 11 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मौसमी औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि के दौरान राज्य में केवल 252.4 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 320.6 मिमी होना चाहिए था।

बस्तर में भी राहत, लेकिन कम बारिश से बढ़ी परेशानी

सरगुजा के अलावा बस्तर संभाग के भी कुछ हिस्सों में पिछले दिन अच्छी बारिश दर्ज की गई। नतीजतन, तापमान में गिरावट आई है और लोगों को उमस से राहत मिली है। इसके बावजूद, छत्तीसगढ़ का बड़ा हिस्सा अब भी मौसमी औसत से पीछे चल रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले एक हफ्ते में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो खरीफ की फसलों की बुआई पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

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5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के किन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है?

मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।

छत्तीसगढ़ में 13 जुलाई से मौसम में क्या बदलाव आने की संभावना है?

13 जुलाई से राज्य में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी तथा कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

इस साल 1 जून से 11 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में कितनी बारिश दर्ज की गई है?

इस अवधि में पूरे प्रदेश में 252.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत से काफी कम है।

छत्तीसगढ़ में इस समय सामान्य तौर पर कितनी बारिश होनी चाहिए थी?

आंकड़ों के अनुसार, इस समय तक राज्य में सामान्य रूप से 320.6 मिमी बारिश होनी चाहिए थी।

छत्तीसगढ़ में मानसून का सबसे ज्यादा असर फिलहाल किस संभाग में दिख रहा है?

वर्तमान में मानसून की सक्रियता का सबसे ज्यादा असर सरगुजा संभाग और उसके आस-पास के जिलों में देखने को मिल रहा है।

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