A satellite imagery showing thin cloud cover over western and central India during monsoon
Latest satellite images reveal fading monsoon clouds over western and central parts of India.

India Monsoon Update : देश के एक बहुत बड़े हिस्से से मानसून के बादल अचानक गायब हो गए हैं। इस समय भारत के लगभग 70% क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। राजस्थान, दिल्ली, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में अगले 5 दिन तक पानी बरसने की उम्मीद बहुत कम है। बारिश अचानक रुकने से उत्तर भारत के राज्यों में गर्मी और उमस बहुत तेजी से बढ़ गई है। यही वजह है कि राजस्थान के श्रीगंगानगर में पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में बादल फटने के बाद अचानक भयानक बाढ़ आ गई। इस तबाही के कारण स्थानीय किसानों के कई खेत पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। इसके अलावा वहां की मुख्य संपर्क सड़कें भी पानी के तेज बहाव में बह गई हैं।

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हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर लैंडस्लाइड से भारी नुकसान

इसके विपरीत उत्तराखंड के विकासनगर से भी आपदा की एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां भारी बारिश के कारण लखवाड़ हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के निर्माण स्थल पर भीषण भूस्खलन हुआ है। पहाड़ से गिरे इस भारी मलबे के नीचे कई निर्माण वाहन और कीमती मशीनें पूरी तरह दब गई हैं। इन विपरीत हालातों के बीच देश में मानसून की स्थिति को लेकर मौसम वैज्ञानिक लगातार उपग्रह की तस्वीरों से नजर रख रहे हैं।

आखिर क्यों कमजोर पड़ी मानसूनी हवाओं की रफ्तार

मौसम विभाग के अनुसार इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण मानसून ट्रफ का उत्तर की ओर खिसकना है। इसके अलावा 9 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में कोई नया मजबूत कम दबाव का क्षेत्र नहीं बना है। इसके कारण मानसूनी हवाओं को आगे बढ़ने के लिए जरूरी नमी नहीं मिल सकी। नतीजतन मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में बादल छाने की गतिविधियां पूरी तरह थम गई हैं। फिलहाल बारिश की गतिविधियां केवल उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों तक ही सीमित रहेंगी।

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आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के फिर से सक्रिय होने की उम्मीद बहुत कम है। हालांकि पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण मैदानी इलाकों की नदियों में जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी रहेगी। इसके बाद मैदानी राज्यों में बहने वाली नदियों के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए आपदा राहत टीमों को भी हाई अलर्ट पर रख दिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

देश के कितने प्रतिशत हिस्से से मानसून के बादल गायब हो गए हैं?

मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार देश के लगभग 70% हिस्से से फिलहाल मानसूनी बादल पूरी तरह गायब हैं।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बाढ़ आने का मुख्य कारण क्या है?

पहलगाम में अचानक बादल फटने के कारण भीषण बाढ़ आई है, जिससे खेत और सड़कें बह गई हैं।

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उत्तराखंड के लखवाड़ हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में क्या नुकसान हुआ है?

भारी बारिश के कारण निर्माण स्थल पर भूस्खलन हुआ है, जिससे कई वाहन और मशीनें मलबे में दब गई हैं।

बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम न बनने से मौसम पर क्या असर पड़ा?

नया मजबूत सिस्टम न बनने से हवाओं को नमी नहीं मिली, जिससे मैदानी इलाकों में बारिश रुक गई और गर्मी बढ़ गई।

राजस्थान और दिल्ली में अगले 5 दिनों तक मौसम कैसा रहेगा?

इन मैदानी राज्यों में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश की संभावना बहुत कम है और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होगी।