बिलासपुर। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने बिलासपुर दौरे पर केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा हमला बोला। “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की।
बिलासपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व CM टी.एस. सिंहदेव और AICC सचिव देवेंद्र यादव भी शामिल हुए।

इमरान प्रतापगढ़ी ने क्या कहा ?
प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि पिछले 10 साल में देशभर में 89 पेपर लीक की घटनाएं हुईं हैं और इससे 6.5 करोड़ से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। इस दौरान 21 से अधिक छात्रों ने जान दी।

उन्होंने कहा “छात्र वर्षों तक मेहनत कर तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने से उनकी मेहनत और भविष्य पर पानी फिर जाता है। यह केवल गड़बड़ी नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों और देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर चोट है।”

क्या है छात्रों की गूंज अभियान ?
इमरान प्रतापगढ़ी ने बताया कि ये अभियान राहुल गांधी के निर्देश पर शुरू किया गया है।
अभियान की खास बातें:
– अवधि : 40 दिन
– कवरेज : देश के 28 प्रमुख शहर
– लक्ष्य : छात्रों, प्रतियोगी अभ्यर्थियों, कोचिंग से जुड़े युवाओं और शिक्षा क्षेत्र के लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं राष्ट्रीय स्तर पर उठाना।

कांग्रेस की चेतावनी
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि अगर केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी कानून नहीं बनाती और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित नहीं करती, तो कांग्रेस इसके खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी। कांग्रेस ने साफ किया कि वो इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों और न्याय की लड़ाई के रूप में उठा रही है।


