रायपुर। महादेव सट्टा ऐप मामले को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा और केंद्र सरकार पर सीधे निशाना साधा है। उन्होंने ईडी द्वारा की गई गिरफ्तारी और जब्त संपत्ति का हवाला देते हुए पूरे मामले में भाजपा के शीर्ष नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

भूपेश बघेल ने क्या आरोप लगाए

भूपेश बघेल ने दिल्ली के दौरे पर एआईसीसी मुख्यालय में मीडिया से हुई बातचीत में दावा किया कि ईडी द्वारा हाल ही में गिरफ्तार किया गया विकास गर्ग महादेव ऐप के सबसे बड़े लेनदेन से जुड़ा है।

“भाजपा से जुड़े हैं विकास गर्ग”

भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि विकास गर्ग भाजपा दिल्ली के आर्थिक प्रकोष्ठ के चेयरमैन हैं तथा भाजपा के पूर्व विधायक नंद किशोर गर्ग के पुत्र हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि विकास गर्ग की 900 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है।

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पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ शीर्ष नेताओं के संरक्षण में महादेव सट्टा ऐप संचालित हो रहा था और लेनदेन को लेकर विवाद के बाद ईडी ने कार्रवाई की।

भूपेश सरकार के कार्यकाल में क्या हुआ था ?

बघेल ने अपनी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय महादेव ऐप के खिलाफ लगभग 72 एफआईआर दर्ज की गईं, 400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया, हजारों बैंक खाते सीज किए गए तथा गूगल और केंद्र सरकार को ऐप हटाने के लिए पत्र भी लिखा गया था।

“मेरे यहां छापे पड़े”

भूपेश बघेल ने कहा कि महादेव ऐप को लेकर उनके यहां छापे भी पड़े, जबकि उन्होंने ही विदेश में बैठे सट्टा संचालकों की गिरफ्तारी के लिए लुक आउट नोटिस जारी करने की मांग की थी। अब जब डबल इंजन की सरकार बन गई तब भी आरोपियों को अब तक क्यों नहीं लाया गया।

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“सहगल और जोशी की भी जांच हो”

उन्होंने कहा कि नवनीत सहगल और हिरन जोशी हो पीएमओ में बड़े ताकतवर अधिकारी थे, जिनके व्हाट्स ऐप संदेश से हेडलाइन तय होता था, आजकल वे कहां हैं, उनकी भी जांच क्यों नहीं करती सरकार ? ईडी इनकी भी जांच करे।

भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि महादेव सट्टा ऐप पर अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई, संबंधित अधिकारियों की जांच क्यों नहीं हो रही और विदेश में बैठे कथित ऑपरेटरों को अब तक भारत क्यों नहीं लाया गया।

भूपेश बघेल का X पर ट्वीट:

FAQ :

क्या है महादेव बैटिंग ऐप?

महादेव बेटिंग ऐप एक ऑनलाइन अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट है। इसके जरिए क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस जैसे खेलों के साथ-साथ चुनावों पर भी अवैध सट्टा लगाया जाता था। इस रैकेट का मुख्य संचालन कथित तौर पर दुबई से सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल द्वारा किया जा रहा था। इस अवैध नेटवर्क के माध्यम से लगभग ₹6,000 करोड़ का घोटाला होने का अनुमान है। 

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महादेव ऐप की जांच किन एजेंसियों द्वारा की जा रही है?

इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) मुख्य रूप से जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, अब तक इस मामले में 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमें हाल ही में दिल्ली से एबिक्स (Ebix) के चेयरमैन विकास गर्ग की गिरफ्तारी भी शामिल है।