Heavy security barricades and Delhi Police personnel managing crowd outside Parliament House area during a protest.
Police security forces deployed near Parliament House in New Delhi following provocative slogans during CJP March.

CJP Protest: संसद भवन के पास प्रदर्शन के दौरान सोमवार को उस समय गंभीर स्थिति बन गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद मार्च में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने देश विरोधी और भड़काऊ बयानबाज़ी शुरू कर दी। नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर से संसद भवन की तरफ बढ़े इस मार्च में कुछ उपद्रवियों ने संसद को नुकसान पहुंचाने और देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए।

इस घटना के बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े, जबकि आम नागरिकों ने वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस से उपद्रवियों पर सख्त एक्शन लेने की मांग की है।

संसद भवन के पास प्रदर्शन और वायरल वीडियो का सच

घटनाक्रम के दौरान सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें सफेद टी-शर्ट पहने एक युवक संसद भवन को उखाड़ फेंकने और देश का माहौल खराब करने जैसी धमकियां देता दिख रहा है। मार्च शुरू होने से ठीक पहले जंतर-मंतर के आसपास जुटा भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ बेहद अमर्यादित नारेबाज़ी की। एक अन्य वीडियो में एक प्रदर्शनकारी मीडिया के सामने 20 तारीख को संसद पर कब्जा करने और तोड़फोड़ करने की बात कहता नजर आया। प्रदर्शनकारियों का यह उग्र गुट जब बैरिकेड्स तोड़कर रेल भवन और संसद मार्ग तक पहुंच गया, तो पुलिस को उन्हें खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। आंदोलन के दौरान कुछ लोगों ने सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था को चुनौती दी, जिससे शांत चल रहा छात्रों का प्रदर्शन अचानक हिंसक और विवादित मोड़ पर पहुंच गया।

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सीजेपी का शांतिपूर्ण मार्च का दावा और जमीनी हकीकत

इस पूरे घटनाक्रम के बीच आयोजक संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का रुख कुछ और ही था। सीजेपी ने मार्च से पहले अपने सभी कार्यकर्ताओं और छात्रों से अपील की थी कि वे हाथ में फूल और देश के महान पुरुषों की तस्वीरें लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखें। जंतर-मंतर पर यह आंदोलन पिछले 23 दिनों से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नीट परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर चल रहा था। हालांकि, सोमवार के मार्च में आयोजकों के दावों के विपरीत कुछ बाहरी अराजक तत्वों ने प्रवेश कर लिया और पूरे आंदोलन को विवादों में धकेल दिया।

वायरल वीडियो पर पुलिस की पैनी नजर

सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने दिल्ली पुलिस को टैग करके कड़ी कार्रवाई की मांग की है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि वायरल हो रहे सभी वीडियो फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों और मीडिया फुटेज के जरिए उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है। शांति भंग करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने और संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कानूनी धारा के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. संसद भवन के पास प्रदर्शन के दौरान क्या विवाद हुआ?
    प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने संसद को नुकसान पहुंचाने और शीर्ष नेताओं के खिलाफ भड़काऊ व आपत्तिजनक नारे लगाए।
  2. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में क्या दावे किए जा रहे हैं?
    वायरल वीडियो में कुछ युवक संसद भवन को उखाड़ने, नेपाल जैसा माहौल बनाने और तोड़फोड़ करने की धमकियां देते दिखाई दे रहे हैं।
  3. क्या सीजेपी ने भड़काऊ बयानबाज़ी का समर्थन किया था?
    नहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने समर्थकों से हाथ में फूल और महापुरुषों की तस्वीरें लेकर शांतिपूर्ण मार्च करने की अपील की थी।
  4. दिल्ली पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?
    दिल्ली पुलिस वायरल वीडियो की जांच कर रही है और सीसीटीवी की मदद से उपद्रवियों की पहचान करके कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
  5. इस घटना का दिल्ली के ट्रैफिक और सुरक्षा पर क्या असर पड़ा?
    संसद मार्ग और आसपास के वीआईपी इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई और कई रास्तों पर आवाजाही बंद होने से ट्रैफिक जाम लग गया।
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