मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC विधेयक पेश, काले कपड़े में पहुंचे कांग्रेस विधायक पर भड़के मंत्री रामेश्वर शर्मा, चर्चा कल
मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC विधेयक पेश, काले कपड़े में पहुंचे कांग्रेस विधायक पर भड़के मंत्री रामेश्वर शर्मा, चर्चा कल

mp-ucc-bill-controversy: भोपाल। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने सोमवार को विधानसभा में भारी हंगामे और विपक्ष के कड़े विरोध के बीच ‘समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक-2026’ सदन के पटल पर रख दिया। सरकार इस कदम को प्रदेश के इतिहास का ऐतिहासिक बदलाव बता रही है, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे “पिछले दरवाजे से लाया गया बिल” करार देते हुए सदन में जमकर नारेबाजी की।

mp-ucc-bill-controversy: कांग्रेस बोली- ‘चोरों की तरह लाए बिल’

तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास मंत्री गौतम टेटवाल ने जैसे ही सदन में यूसीसी विधेयक प्रस्तुत किया, कांग्रेस विधायकों ने इसका तीखा विरोध शुरू कर दिया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधायक जयवर्धन सिंह ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह विधेयक मूल कार्यसूची का हिस्सा नहीं था, बल्कि सरकार ने आखिरी वक्त पर सप्लीमेंट्री (पूरक) कार्यसूची के जरिए इसे पेश किया है।

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “सरकार ने चोरों की तरह छिपकर इस बिल को सदन के पटल पर रखा है।” इस पर पलटवार करते हुए कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि सरकार ने सभी नियमों का पालन किया है और विपक्ष चर्चा से भाग रहा है।

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mp-ucc-bill-controversy: काले कपड़ों में पहुंचे विधायक

विधेयक का विरोध जताने के लिए भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील सदन में काले कपड़े पहनकर पहुंचे, जिस पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई। हुजूर सीट से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, यूसीसी लागू होने से उन मुल्ला-मौलवियों को घबराहट हो रही है जो अब हलाला, तीन-चार शादियां और तीन तलाक जैसी प्रथाएं नहीं चला पाएंगे। कांग्रेस भी उन्हीं तत्वों की भाषा बोल रही है। शर्मा ने आगे कहा कि आतिफ अकील काले कपड़े पहनें या पीले, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन प्रदेश में अब किसी के ‘काले कारनामे’ नहीं चलने दिए जाएंगे।

mp-ucc-bill-controversy: यूसीसी विधेयक पर चर्चा कल

विपक्ष के भारी हंगामे, नारेबाजी और आक्रामक तेवरों के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष ने इस संवेदनशील विधेयक को रिकॉर्ड पर ले लिया। कार्यसूची को लेकर छिड़े इस विवाद और दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई तीखी जुबानी जंग के बाद अब सबकी निगाहें कल होने वाली विस्तृत चर्चा पर टिकी हैं। संख्या बल के आधार पर सरकार जहां इस बिल को पारित कराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है, वहीं विपक्ष भी सदन के भीतर सरकार को घेरने और आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहा है।

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