Raipur Protest: राजधानी रायपुर में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुए प्रदर्शन के बाद दर्ज एफआईआर को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। खम्हारडीह थाना पुलिस द्वारा कांग्रेस के 12 नामजद नेताओं और कई अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किए जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत कई नेता थाने पहुंचे और भाजपा नेताओं के खिलाफ भी काउंटर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
खम्हारडीह थाने पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कार्रवाई का कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तर पर जवाब देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और प्रदर्शन में शामिल मंत्रियों एवं विधायकों पर भी मामला दर्ज किया जाए।
बस्तर दौरा छोड़ रायपुर लौटे बैज
घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही दीपक बैज ने अपना प्रस्तावित बस्तर दौरा रद्द कर दिया और रायपुर लौट आए। यहां उन्होंने राजीव भवन में वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस मुद्दे को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रही है।

भूपेश बघेल ने लगाए गंभीर आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में आरोप लगाया कि भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट किया कि, हद में रहिए भाजपा वालो। कल घेराव के नाम पर भाजपा के लोगों ने रायपुर में कांग्रेस मुख्यालय पर हमला किया। भाजपा के सारे मंत्री भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं को ताक में रखकर इसमें शामिल हुए।
आदतन उपद्रवी इन तत्वों ने कांग्रेस मुख्यालय और हमारे कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेकें, पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़ी। सारा हमला भाजपा और पुलिस की ओर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हुए, पत्रकार साथियों को भी चोटें आईं।
और पुलिस ने FIR भी हमारे ही लोगों पर दर्ज कर ली। साफ है कि यह पुलिस के संरक्षण में भाजपा सरकार द्वारा किया गया सुनियोजित हमला था। ठीक उसी तरह जिस तरह दिल्ली में छात्रों के साथ हुआ। भाजपा से तो हम निपट लेंगे लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारी ध्यान रखें, भाजपा कुछ ही महीनों की मेहमान है….फिर मिलेंगे।
कांग्रेस की मांग- भाजपा नेताओं पर भी हो कार्रवाई
कांग्रेस नेताओं ने थाने में मांग रखी कि प्रदर्शन में शामिल भाजपा नेताओं, मंत्रियों और विधायकों की भूमिका की भी जांच की जाए और यदि साक्ष्य मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए। पार्टी का कहना है कि एकतरफा कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
बुधवार को रायपुर में भाजपा द्वारा कांग्रेस कार्यालय के घेराव के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए थे। घटना के बाद पुलिस ने कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। मामले की जांच जारी है और पुलिस ने अब तक आधिकारिक रूप से दोनों पक्षों के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है।


