रक्षाबंधन पर छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के प्रसिद्ध विष्णु भोग चावल से आकर्षक राखियां बनाई जा रही हैं।
रक्षाबंधन पर छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के प्रसिद्ध विष्णु भोग चावल से आकर्षक राखियां बनाई जा रही हैं।

Raksha Bandhan 2026: इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय उत्पादों की विशिष्ट पहचान को एक नई ऊंचाई देने जा रहा है। राज्य के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के प्रसिद्ध ‘विष्णु भोग धान’ और उसके सुगंधित चावल से तैयार की जा रही आकर्षक एवं कलात्मक राखियां इस बार बाजार में विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी।

भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक बनने वाली ये राखियां केवल स्नेह का बंधन ही नहीं होंगी, बल्कि आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेंगी।

बिहान से जुड़ी महिलाओं का अभिनव प्रयास

राज्य शासन की ग्रामीण आजीविका संवर्धन योजना (बिहान) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक हस्तकला का सुंदर समन्वय किया है। रंग-बिरंगे धागों, पारंपरिक सजावट और सुगंधित विष्णु भोग चावल के संयोजन से ये राखियां तैयार की जा रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं को आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता और विपणन (मार्केटिंग) का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।

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बिक्री के लिए लगेंगे विशेष स्टॉल, बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति

इन राखियों की सुलभ बिक्री के लिए जिला प्रशासन द्वारा:

रेलवे स्टेशन

कलेक्ट्रेट परिसर

ग्राम संगठन परिसरों

में विशेष विक्रय केंद्र (स्टॉल) स्थापित किए जा रहे हैं। सीधे उपभोक्ताओं तक उत्पाद पहुंचने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और महिलाओं को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सकेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और हस्तशिल्प को मजबूती

महिला समूहों की सदस्यों का मानना है कि यह पहल न केवल उनकी आय में वृद्धि कर रही है, बल्कि उनकी रचनात्मकता और सामाजिक पहचान को भी नया आयाम दे रही है। कृषि उत्पादों का इस तरह मूल्य संवर्धन (Value Addition) स्थानीय विरासत के संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों की आर्थिक समृद्धि का सशक्त आधार बन रहा है।

(FAQ) अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: रक्षाबंधन 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ में किस विशेष सामग्री से राखियां बनाई जा रही हैं?

उत्तर: रक्षाबंधन पर छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के प्रसिद्ध और सुगंधित ‘विष्णु भोग चावल’ का उपयोग कर आकर्षक राखियां बनाई जा रही हैं।

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प्रश्न 2: इन चावल की राखियों का निर्माण किनके द्वारा किया जा रहा है?

उत्तर: इन राखियों का निर्माण राज्य शासन की ग्रामीण आजीविका संवर्धन योजना ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों द्वारा किया जा रहा है।

प्रश्न 3: महिलाओं को राखी बनाने और बेचने के लिए क्या सहायता दी गई है?

उत्तर: जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं को आधुनिक राखी निर्माण, गुणवत्ता और विपणन का प्रशिक्षण दिया गया है तथा बिक्री के लिए कलेक्ट्रेट, रेलवे स्टेशन और ग्राम परिसरों में विशेष स्टॉल लगाए जा रहे हैं।

प्रश्न 4: विष्णु भोग चावल की राखियां बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना (वोकल फॉर लोकल), बिचौलियों को हटाकर महिलाओं को उचित मूल्य दिलाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

प्रश्न 5: विष्णु भोग धान छत्तीसगढ़ के किस जिले का प्रसिद्ध कृषि उत्पाद है?

उत्तर: विष्णु भोग धान छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले का प्रसिद्ध और सुगंधित धान है।

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