Indore Cyber Fraud: इंदौर में बड़े कारोबारियों को बिजनेस लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का बड़ा मामला सामने आया है. शहर के एक रोड कंस्ट्रक्शन कारोबारी को 15 करोड़ रुपए का लोन दिलाने का भरोसा देकर उससे डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम ठग ली गई. इस मामले में साउथ फिल्म इंडस्ट्री के कुछ कलाकारों की भूमिका भी सामने आ रही है, जिससे पुलिस और क्राइम ब्रांच ने जांच तेज कर दी है.
वीडियो कॉल पर नोटों के कार्टन दिखाकर दिया झांसा
जांच में पता चला है कि यह गिरोह ऐसे कारोबारियों को निशाना बनाता था जिन्हें बड़े लोन की जरूरत होती थी. ठगों ने वीडियो कॉल पर नकदी से भरे कार्टन दिखाकर कारोबारी का भरोसा जीता और प्रोसेसिंग फीस तथा अन्य बहानों से अलग-अलग खातों में पैसे जमा करवा लिए. मोबाइल का डेटा और अन्य दस्तावेज भी धोखे से इस्तेमाल किए गए. पीड़ित को जब ठगी का अहसास हुआ, तब उसने अखबार में ऐसी ही एक दूसरी घटना की खबर पढ़कर हिम्मत जुटाई और पुलिस से संपर्क किया.
अखबार की खबर पढ़कर सामने आया मामला
पीड़ित कारोबारी ने वकील के जरिए 27 जुलाई को साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज कराई. इससे पहले भी शहर में 10 करोड़ रुपए के लोन के नाम पर एक करोड़ की ठगी का मामला सामने आया था, जिसमें कोर्ट के आदेश से पीड़ित को पैसे वापस मिल चुके हैं. दोनों मामलों में ठगी का तरीका एक जैसा होने के कारण पुलिस इसे एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह की करतूत मान रही है.
200 से ज्यादा खातों में ट्रांसफर हुई रकम
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ठगी गई पूरी रकम को दो सौ से अधिक अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था. जांच एजेंसियां अब उन खातों और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े हर एक व्यक्ति की भूमिका की गहराई से छानबीन कर रही हैं. उम्मीद है कि जल्द ही इस गिरोह के सभी मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा.
FAQs
इंदौर में ठगी का यह मामला किससे जुड़ा है?
यह मामला 15 करोड़ रुपए के बिजनेस लोन के नाम पर हुई धोखाधड़ी से जुड़ा है.
ठगी करने वालों ने किस तरह भरोसा जीता?
आरोपियों ने वीडियो कॉल पर नकदी से भरे कार्टन दिखाकर और आसान प्रक्रिया का झांसा दिया.
इस मामले में किनकी भूमिका संदिग्ध है?
जांच के दौरान साउथ फिल्म इंडस्ट्री के एक अभिनेता और अभिनेत्री का नाम भी सामने आ रहा है.
पीड़ित ने पुलिस में शिकायत कब दर्ज कराई?
पीड़ित ने 27 जुलाई को क्राइम ब्रांच और पुलिस के पास अपनी शिकायत दर्ज कराई.
ठगी की गई रकम कहां भेजी गई थी?
ठगी के डेढ़ करोड़ रुपए दो सौ से अधिक अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे.


