छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग का आंधी और बारिश का चेतावनी अलर्ट
मौसम विभाग ने हल्की आंधी और बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली चमकने की भी स्पष्ट चेतावनी दी है

Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के बाद पिछले दो दिनों से रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में सूरज की तेज गर्मी पड़ी। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आज यानी 2 अगस्त से प्रदेश में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेजी पकड़ेंगी। बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत में बने मौसमी सिस्टम के प्रभाव से राज्य के उत्तरी हिस्सों में मानसून दोबारा सक्रिय हो रहा है।

बता दे कि छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार तेज बारिश के बाद अब प्रदेश में मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल के ऊपर बना गहरा अवदाब अब आगे बढ़ रहा है, जिसके चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की तीव्रता कम हो सकती है। हालांकि कुछ जिलों में अभी भी मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। वहीं लगातार बारिश हो रही के कारण बस्तर, रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर आ गए और जनजीवन प्रभावित रहा।

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2 अगस्त का मौसम बुलेटिन

  • तापमान: राजधानी रायपुर और आसपास के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम तापमान 25°C से 27°C के बीच रहने का अनुमान है।
  • बारिश और उमस: दिन के समय अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और 35% तक बारिश की संभावना है। हवा में आर्द्रता (Humidity) 67% के आसपास रहने के कारण उमस का प्रभाव बना रहेगा।
  • हवा की रफ्तार: दक्षिण-पश्चिम दिशा से 10 मील प्रति घंटे की गति से ठंडी हवाएं चल सकती हैं।

संभागवार वेदर रिपोर्ट

बिलासपुर और सरगुजा संभाग (हाई अलर्ट):
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 2 अगस्त से शुरू होने वाले नए मानसूनी स्पेल का सबसे ज्यादा असर उत्तर छत्तीसगढ़ में दिखेगा। बिलासपुर, सरगुजा, सूरजपुर और जशपुर के एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

रायपुर और दुर्ग संभाग (हल्की बौछारें):
इन संभागों में फिलहाल भारी बारिश से थोड़ी राहत रहेगी। आकाश मुख्य रूप से मेघमय (Cloudy) रहेगा और कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बौछारें या बूंदाबांदी दर्ज की जा सकती है। तापमान में 1 से 2 डिग्री की मामूली बढ़त होने की संभावना है।

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बस्तर संभाग (कम होगी रफ्तार):
बीते दिनों बीजापुर और सुकमा में हुई रिकॉर्डतोड़ बारिश के बाद अब दक्षिण छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ेगी। हालांकि, नदी-नालों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी रखा है।

मौसम विभाग की सलाह
2 अगस्त से शुरू हो रहे इस नए सिस्टम के दौरान खराब मौसम के समय लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।

भारी बारिश के बीच गरियाबंद में ढहा पुल
भारी बारिश के दौरान गरियाबंद के मैनपुर क्षेत्र में बड़ा हादसा हुआ। यहां उदंती नदी पर ओडिशा सरकार द्वारा बनाया जा रहा ₹9 करोड़ का निर्माणाधीन पुल तेज बहाव में भरभरा कर गिर गया। गनीमत रही कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। यह पुल छत्तीसगढ़ के अमलीगांव को ओडिशा के 4 गांवों से जोड़ने वाला अहम प्रोजेक्ट था। पुल गिरने से अब दोनों राज्यों का संपर्क प्रभावित हो गया है और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। भौगोलिकसंदर्भ

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कैसे गिरा निर्माणाधीन पुल ?
गरियाबंद जिले में दो–तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इससे उदंती नदी उफान पर आ गई। नदी के तेज बहाव ने निर्माणाधीन पुल के ढांचे पर दबाव बनाया और पुल का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर ढह गया। घटना के बाद निर्माण कार्य पूरी तरह रोक दिया गया है। प्रारंभिक तौर पर बारिश और तेज बहाव को वजह माना जा रहा है। हालांकि तकनीकी कारणों की जांच संबंधित विभाग करेगा।