बिलासपुर। गारे पेलमा सेक्टर-2 कोयला खदान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि नई पर्यावरणीय स्वीकृति देने से पहले नई जनसुनवाई कराना अनिवार्य है। लेकिन महाजेनको को राहत देते हुए कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जनसुनवाई पूरी होने तक मौजूदा खनन कार्य बंद नहीं किया जाएगा।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने 24 जुलाई को यह फैसला दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ?
1. नई जनसुनवाई जरूरी: कोर्ट ने NGT के 17 अप्रैल के आदेश को निरस्त किया। NGT ने पुराने रिकॉर्ड और वीडियो से ही स्वीकृति को सही माना था। पीठ ने कहा “अफ्रेश” का मतलब पूरी प्रक्रिया दोबारा और नई जनसुनवाई कराना है।
2. मामला NGT को वापस: प्रकरण को दोबारा NGT भेजा गया है। 3 अगस्त से सुनवाई शुरू होगी। NGT को जनसुनवाई की निगरानी कर शीघ्र अंतिम निपटारा करने का निर्देश।
3. खनन जारी रहेगा: कोर्ट ने माना कि परियोजना की कई शर्तों का पहले ही पालन हो चुका है। इसलिए सिर्फ नई जनसुनवाई न होने की वजह से खनन बाधित नहीं किया जाएगा।
पूरा विवाद क्या है ?
– जुलाई 2022: गारे पेलमा सेक्टर-2 को पहली बार पर्यावरणीय स्वीकृति मिली।
– जनवरी 2024: NGT ने खामियां पाते हुए स्वीकृति रद्द की और जनसुनवाई से प्रक्रिया दोबारा शुरू करने को कहा।
– अगस्त 2024: पर्यावरण मंत्रालय की EAC ने नई जनसुनवाई के बिना पुराने रिकॉर्ड के आधार पर फिर से स्वीकृति दे दी।
– 17 अप्रैल 2025: NGT ने इस नई स्वीकृति को सही ठहराया।
– सुप्रीम कोर्ट: NGT के इस दृष्टिकोण को खारिज कर दिया। कहा नई स्वीकृति = नई जनसुनवाई अनिवार्य।
किसे मिली राहत ?
महाजेनको (महाराष्ट्र स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड) को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने साफ किया कि जनसुनवाई प्रक्रिया पूरी होने तक खन नहीं रुकेगा लेकिन अंतिम पर्यावरणीय स्वीकृति देने से पहले स्थानीय लोगों की नई जनसुनवाई कराना अब अनिवार्य होगा।
FAQ: गारे पेलमा सुप्रीम कोर्ट फैसला
सवाल 1. सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया ?
नई पर्यावरणीय स्वीकृति से पहले नई जनसुनवाई कराना जरूरी है। मामला दोबारा NGT में जाएगा।
सवाल 2: क्या खनन बंद होगा ?
नहीं। कोर्ट ने कहा जनसुनवाई तक मौजूदा खनन कार्य जारी रहेगा।
सवाल 3. जनसुनवाई कब होगी ?
NGT में 3. अगस्त से मामले की सुनवाई शुरू होगी और वहीं जनसुनवाई की प्रक्रिया तय होगी।
सवाल 4. पहले क्या गड़बड़ी थी ?
अगस्त 2024 में बिना नई जनसुनवाई के पुराने वीडियो-दस्तावेज के आधार पर स्वीकृति दे दी गई थी।
सवाल 5. यह खदान किसकी है !
महाजेनको की है। यह छत्तीसगढ़ के गारे पेलमा सेक्टर-2 कोयला खदान परियोजना है।


