India Rain and Landslide Update: देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। केरल और कर्नाटक में लैंडस्लाइड तथा बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण कुल 11 लोगों की जान चली गई है, जबकि केरल में 8 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने आगामी 7 अगस्त तक मौसम खराब रहने की आशंका जताई है, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
केरल और कर्नाटक में तबाही
केरल में भारी बारिश के कारण आए लैंडस्लाइड और बाढ़ से अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 8 लोग लापता हैं। हालात से निपटने के लिए सरकार ने 209 राहत शिविर बनाए हैं, जहां 5,792 लोगों को सुरक्षित शरण दी गई है। कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में रविवार सुबह हुए एक भीषण लैंडस्लाइड में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में 35 वर्षीय मल्लिकार्जुन, उनकी 28 वर्षीय पत्नी नागवेणी और उनका 3 साल का बेटा संतोष शामिल हैं। हादसा उस वक्त हुआ जब ये सभी पहाड़ी के पास बने अपने घर में गहरी नींद में सो रहे थे।
जम्मू-कश्मीर में बादल फटना और स्कूल बंद
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छतरू इलाके में शनिवार को अचानक बादल फटने से भयंकर बाढ़ आ गई। इस आपदा के कारण कई मकानों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है, पानी के तेज बहाव में दो कारें बह गई हैं और सड़कों पर मलबा भर गया है। एहतियात के तौर पर किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा बांदीपोरा में रविवार सुबह से लगातार हो रही बारिश से नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में और अधिक बारिश की संभावना जताते हुए लोगों से पूरी सावधानी बरतने की अपील की है।
उत्तराखंड में हाईवे और यातायात प्रभावित
उत्तराखंड में भी खराब मौसम का असर यातायात पर साफ दिखाई दे रहा है। उत्तरकाशी में लगातार बारिश के चलते यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर लैंडस्लाइड हुआ है, जिससे मार्ग बाधित हुआ है। चमोली के गौचर के पास कमेड़ा इलाके में बद्रीनाथ हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा अचानक धंस गया है, जिसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां यातायात को वन-वे कर दिया गया है।
तमिलनाडु और गुजरात के हालात
देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में सूखे मौसम और भीषण गर्मी के कारण हालात खराब हैं। कई जिलों में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है और राज्य गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। स्थिति से निपटने के लिए थेन्नूर में मुस्लिम समाज के 2,000 लोगों ने बारिश के लिए विशेष प्रार्थना यानी ‘सलात अल-इस्तिस्का’ की है।
गुजरात के सूरत में हालांकि बारिश थम चुकी है, लेकिन किम नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान के करीब बना हुआ है। नदी का पानी तट पर स्थित मुक्तिधाम श्मशान घाट तक पहुंच गया, जिसके चलते वह पूरी तरह डूब गया है और लोगों को अंतिम संस्कार के लिए दूसरे श्मशान घाटों का रुख करना पड़ रहा है।
केरल के अलप्पुझा में बाढ़ का खतरा
केरल के अलप्पुझा जिले के कुट्टनाड और अपर कुट्टनाड क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते बाढ़ का खतरा और अधिक गहरा गया है। यहां पंबा और अचनकोविल नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। वीयापुरम और चेरुथाना गांवों में बाढ़ की वजह से 100 से अधिक घर प्रभावित हुए हैं। हालात से निपटने के लिए अलप्पुझा में 11 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 169 परिवारों के कुल 580 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है।
5 FAQs
केरल में भारी बारिश और लैंडस्लाइड से अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
केरल में बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण 8 लोगों की मौत हुई है और 8 लोग लापता हैं।
कर्नाटक के किस जिले में लैंडस्लाइड से एक ही परिवार के तीन लोगों की जान गई?
कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में लैंडस्लाइड से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हुई है।
जम्मू-कश्मीर के किन जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं?
एहतियात के तौर पर किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने कब तक खराब मौसम का अनुमान जताया है?
मौसम विभाग के अनुसार 7 अगस्त तक मौसम खराब रहने की संभावना है।
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में विशेष प्रार्थना क्यों की गई?
सूखे मौसम, 37.5°C से ऊपर तापमान और भीषण जल संकट के कारण विशेष प्रार्थना की गई।


