नगर निगम द्वारा महादेव घाट पर टैंकरों के माध्यम से शुद्ध जल की व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालु दूषित जल के बजाय शुद्ध जल से जलाभिषेक कर सकें।
नगर निगम द्वारा महादेव घाट पर टैंकरों के माध्यम से शुद्ध जल की व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालु दूषित जल के बजाय शुद्ध जल से जलाभिषेक कर सकें।

Kharun River: पवित्र सावन माह की शुरुआत के साथ ही रायपुर के प्रसिद्ध ऐतिहासिक महादेव घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर निगम ने टैंकर के माध्यम से शुद्ध जल की व्यवस्था की है। यह कदम नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी द्वारा महादेव घाट का निरीक्षण करने और गंदे जल से जलाभिषेक न करने की अपील के बाद उठाया गया है।

चिंगारी नाले का गंदा पानी बन रहा था समस्या

निरीक्षण के दौरान नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने पाया कि सावन माह के शुरू होने के बावजूद चिंगारी नाले का दूषित पानी सीधे खारुन नदी में बह रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रायपुर की महापौर और क्षेत्रीय विधायक बीते एक साल से इस गंदे पानी को रोकने के नाम पर केवल दौरे कर रहे हैं, जिसका कोई ठोस और सार्थक परिणाम सामने नहीं आया है।

नेता प्रतिपक्ष ने की थी अपील और मांग

खारुन नदी के दूषित होते जल को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने सभी शिवभक्तों से भावुक अपील की थी कि:

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“जब तक नदी का जल शुद्ध नहीं हो जाता, कृपया कोई भी भक्त खारुन नदी का गंदा जल हाटकेश्वर महादेव को अर्पित न करें।”

उन्होंने नगर निगम प्रशासन से तत्काल महादेव घाट पर टैंकर के जरिए शुद्ध जल उपलब्ध कराने की मांग की थी, ताकि श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था प्रभावित न हो।

प्रशासन हुआ सक्रिय, टैंकरों से पहुँचा पानी

नेता प्रतिपक्ष के हस्तक्षेप के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया। सावन के पहले ही दिन से महादेव घाट पर टैंकरों के माध्यम से शुद्ध जल की आपूर्ति शुरू कर दी गई। अब मंदिर आने वाले श्रद्धालु इसी शुद्ध जल से भगवान हाटकेश्वर नाथ महादेव का जलाभिषेक कर रहे हैं।

स्थायी समाधान की मांग

इस व्यवस्था पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा:

“आस्था का सम्मान सर्वोपरि है। गंदे पानी से भगवान का अभिषेक न हो, इसके लिए हमने आवाज उठाई थी। नगर निगम द्वारा टैंकर की व्यवस्था करना एक स्वागत योग्य कदम है। हमारी मांग है कि यह व्यवस्था पूरे सावन माह तक निरंतर जारी रहे और चिंगारी नाले के गंदे पानी को खारुन नदी में मिलने से स्थायी रूप से रोका जाए।”

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इसके साथ ही उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से पुनः अनुरोध किया है कि वे नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए शुद्ध जल का ही उपयोग जलाभिषेक के लिए करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. सावन के महीने में महादेव घाट पर जल अर्पित करने के लिए क्या विशेष व्यवस्था की गई है?

उत्तर: नगर निगम द्वारा महादेव घाट पर टैंकरों के माध्यम से शुद्ध जल की व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालु दूषित जल के बजाय शुद्ध जल से जलाभिषेक कर सकें।

Q2. महादेव घाट पर टैंकर से जल की व्यवस्था कराने की मांग किसने उठाई थी?

उत्तर: रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष श्री आकाश तिवारी ने महादेव घाट के निरीक्षण के बाद यह मांग उठाई थी।

Q3. खारुन नदी के जल के प्रदूषित होने का मुख्य कारण क्या बताया गया है?

उत्तर: चिंगारी नाले का गंदा पानी सीधे खारुन नदी में मिलने के कारण नदी का जल दूषित हो रहा है।

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Q4. श्रद्धालुओं द्वारा किस मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया जा रहा है?

उत्तर: महादेव घाट स्थित ऐतिहासिक भगवान हाटकेश्वर नाथ महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया जा रहा है।

Q5. नेता प्रतिपक्ष ने नगर निगम और प्रशासन से क्या स्थायी मांग की है?

उत्तर: उन्होंने मांग की है कि सावन भर टैंकर की व्यवस्था जारी रहने के साथ-साथ चिंगारी नाले के गंदे पानी को खारुन नदी में मिलने से स्थायी रूप से रोका जाए।