80th Independence Day 2026: भारत 15 अगस्त 2026 को आजादी की 80वीं सालगिरह मना रहा है। आज देश दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। इस सफर में उन कंपनियों की भी अहम भूमिका रही है, जिनकी नींव आजादी से पहले रखी गई थी।
टाटा, ब्रिटानिया, गोदरेज, बिड़ला, टीवीएस, डाबर, सिप्ला, रेमंड और किर्लोस्कर जैसे नाम आज भी कारोबार के अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं।
आजादी से पहले शुरू हुआ कारोबार, आज भी कायम है दबदबा
भारत के कारोबारी इतिहास में कई ऐसे उद्योगपति रहे हैं, जिन्होंने अंग्रेजी शासन के दौर में कारोबार शुरू किया। इनमें जमशेदजी टाटा, एसके बर्मन, आर्देशर गोदरेज, पिरोजशा गोदरेज, माधव प्रसाद बिड़ला और डॉ. केए हमीद जैसे नाम शामिल हैं। इनसे जुड़ी कंपनियों ने समय के साथ अपने कारोबार का विस्तार किया। आज इनकी मौजूदगी फूड, हेल्थ, ऑटो, एविएशन, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे कई क्षेत्रों में है।
टाटा ग्रुप की शुरुआत 1868 में हुई
आजादी से पहले शुरू हुए कारोबारी समूहों में टाटा ग्रुप सबसे पुराने नामों में शामिल है। इसकी शुरुआत 1868 में हुई थी। समूह ने नमक से लेकर ऑटोमोबाइल, होटल, एविएशन और अब सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों तक कारोबार का विस्तार किया है।
टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में टीसीएस, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और इंडियन होटल्स कंपनी शामिल हैं। एअर इंडिया के जरिए समूह एविएशन क्षेत्र में भी सक्रिय है। जैगुआर और लैंड रोवर जैसे ब्रांड भी टाटा समूह का हिस्सा हैं। जमशेदजी टाटा ने 1903 में इंडियन होटल्स कंपनी की स्थापना की थी। मुंबई का ताजमहल पैलेस आज समूह की पहचान से जुड़े प्रमुख नामों में शामिल है।
ब्रिटानिया की शुरुआत छोटी दुकान से हुई
फूड सेक्टर की प्रमुख कंपनी ब्रिटानिया की शुरुआत 1892 में कोलकाता में हुई थी। कंपनी की शुरुआत वाडिया परिवार ने एक छोटी दुकान से की थी। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कंपनी का कारोबार तेजी से बढ़ा। आज ब्रिटानिया बिस्किट और अन्य खाद्य उत्पादों के कारोबार में जाना-पहचाना नाम है और इसका कारोबार दुनियाभर में फैला है।
गोदरेज ने 1897 में रखी कारोबार की नींव
गोदरेज की शुरुआत 1897 में आर्देशर गोदरेज और उनके भाई पिरोजशा गोदरेज ने की थी। समय के साथ कंपनी ने मेटल, इलेक्ट्रॉनिक्स और रियल एस्टेट समेत कई क्षेत्रों में कारोबार बढ़ाया। गोदरेज की तिजोरियों का इस्तेमाल ब्रिटिश शाही परिवार से जुड़ी एक घटना में भी हुआ था। 1911 में किंग जॉर्ज पंचम और रानी मैरी की दिल्ली यात्रा के दौरान उनके कीमती सामान को रखने के लिए गोदरेज की तिजोरियों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आती है।
बिड़ला समूह की जड़ें 19वीं सदी में
बिड़ला समूह का कारोबार भी आजादी से पहले शुरू हुआ था। घनश्याम दास बिड़ला के दादा शिव नारायण बिड़ला ने साहूकारी के साथ कपास का कारोबार शुरू किया था। इसके बाद 1890 में जूट निर्माण कंपनी के रूप में पहला उद्योग स्थापित किया गया।
बाद में घनश्याम दास बिड़ला ने बिड़ला कॉरपोरेशन लिमिटेड की स्थापना की। माधव प्रसाद बिड़ला ने भी इसके कारोबार को आगे बढ़ाया। आज समूह का कारोबार 36 देशों में है और करीब 1.40 लाख लोगों को रोजगार देने की बात कही गई है।
टीवीएस की शुरुआत घोड़ा गाड़ी के दौर में हुई
टीवीएस मोटर की शुरुआत 1911 में टीवी सुंदरम अयंगर ने की थी। उस समय देश में घोड़ा गाड़ी और बग्घियों का दौर था। चेन्नई मुख्यालय वाली टीवीएस आज दोपहिया वाहन बनाने वाली भारत की बड़ी कंपनियों में शामिल है। समय के साथ देश में वाहनों की मांग बढ़ी और कंपनी ने अपने कारोबार का विस्तार किया।
डाबर और सिप्ला ने हेल्थ सेक्टर में बनाई जगह
डाबर की शुरुआत 1884 में एसके बर्मन ने की थी। पेशे से डॉक्टर एसके बर्मन ने आयुर्वेदिक दवाओं के साथ घी, तेल और अन्य उत्पादों का कारोबार शुरू किया। हेल्थ सेक्टर में सिप्ला भी एक पुराना नाम है। डॉ. केए हमीद ने 1935 में इसकी स्थापना की थी। आज सिप्ला का कारोबार 100 देशों में फैला हुआ है।
रेमंड ने 1925 में शुरू किया कारोबार
कपड़ा क्षेत्र की रेमंड लिमिटेड की शुरुआत 1925 में महाराष्ट्र के ठाणे में एक ऊनी मिल के रूप में हुई थी। बाद में कंपनी ने रिटेल कारोबार का भी विस्तार किया। 1958 में मुंबई में पहला रेमंड रिटेल शोरूम खोला गया। आजादी से पहले शुरू हुई कंपनियों की सूची में किर्लोस्कर का नाम भी शामिल है। पंप और वाल्व के कारोबार से जुड़े इस समूह की शुरुआत 1888 में लक्ष्मणराव किर्लोस्कर ने की थी।
80 साल बाद भी जारी है इन कंपनियों का सफर
आजादी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था ने कई बदलाव देखे। इस दौरान पुरानी कंपनियों ने भी अपने कारोबार को नए क्षेत्रों और बाजारों तक पहुंचाया। यही वजह है कि आजादी से पहले शुरू हुए कई कारोबारी नाम अब भी भारतीय उद्योग जगत में अपनी जगह बनाए हुए हैं।
FAQs
1. भारत में आजादी से पहले शुरू हुई प्रमुख कंपनियां कौन सी हैं?
टाटा ग्रुप, ब्रिटानिया, गोदरेज, बिड़ला समूह, टीवीएस, डाबर, सिप्ला, रेमंड और किर्लोस्कर जैसे प्रमुख नाम आजादी से पहले शुरू हुए थे।
2. टाटा ग्रुप की शुरुआत कब हुई थी?
टाटा ग्रुप की शुरुआत 1868 में हुई थी।
3. डाबर की स्थापना कब हुई थी?
डाबर की शुरुआत 1884 में एसके बर्मन ने की थी।
4. सिप्ला की स्थापना कब हुई थी?
सिप्ला की स्थापना 1935 में डॉ. केए हमीद ने की थी।
5. टीवीएस की शुरुआत कब हुई थी?
टीवीएस की स्थापना 1911 में टीवी सुंदरम अयंगर ने की थी।



