Raipur Akhada: पुरानी बस्ती स्थित रायपुर के ऐतिहासिक एवं प्राचीन महावीर व्यायामशाला अखाड़े में नाग पंचमी पर्व की तैयारियां पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ चल रही हैं। अखाड़े में विशेष साफ-सफाई के साथ दंगल की मिट्टी से पहाड़ बनाने और विशेष पूजा-अर्चना का काम शुरू हो गया है।
1892 में स्थापित ऐतिहासिक विरासत का साक्षी अखाड़ा
महंत बिहारी दास जी द्वारा वर्ष 1892 में स्थापित यह अखाड़ा रायपुर की ऐतिहासिक पहचान का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्तमान में राज ठेठवार परिवार द्वारा संचालित और डॉ. रेवाराम यदु की अध्यक्षता में चल रहे इस अखाड़े में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद (वर्ष 1950) और प्रसिद्ध अभिनेता पृथ्वीराज कपूर जैसी महान हस्तियां पहलवानों के दंगल देखने आ चुकी हैं।
मिट्टी का पहाड़ और हनुमान की विशेष प्रतिमा
नाग पंचमी से 10 दिन पहले शुरू होने वाली तैयारियों में अखाड़े की मिट्टी से 4-5 दिनों में एक विशेष पहाड़ बनाया जाता है। हर वर्ष अलग-अलग प्रतिमाएं बनाने की परंपरा के तहत इस वर्ष भगवान हनुमान की सुंदर मिट्टी की प्रतिमा बनाई गई है। नाग पंचमी के दिन यहां महाआरती, पूजा और वरिष्ठ पहलवानों का सम्मान किया जाएगा। इसके बाद आने वाले शनिवार या मंगलवार को मिट्टी के पहाड़ को गिराकर कुश्ती खेलने की रस्म निभाई जाती है।
दिग्गज पहलवानों और लौह पुरुष की कर्मभूमि
इस अखाड़े से कई दिग्गज पहलवान निकले हैं। स्वर्गीय मल्लू लाल शर्मा ने प्रसिद्ध पहलवान दारा सिंह को चुनौती दी थी और वे सीने पर पत्थर व जंजीर तोड़ने के प्रदर्शन के लिए जाने जाते थे। वहीं ‘खेल विभूति’ और ‘लौह पुरुष’ से सम्मानित स्वर्गीय जवाहर लाल सोनी ने बॉडी बिल्डिंग में राज्य का नाम रोशन किया और ओलंपिक मशाल का नेतृत्व भी किया। अखाड़े के उपाध्यक्ष गजेश यदु के अनुसार, यह आयोजन रायपुर की प्राचीन अखाड़ा संस्कृति को जीवंत रखने का संकल्प है।
(FAQs)
प्र.1: महावीर व्यायामशाला अखाड़े की स्थापना कब और किसके द्वारा की गई थी?
उत्तर: इस अखाड़े की स्थापना लगभग वर्ष 1892 में महंत बिहारी दास द्वारा की गई थी।
प्र.2: अखाड़े का दौरा करने वाली प्रमुख ऐतिहासिक हस्तियां कौन थीं?
उत्तर: देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद (1950 में) और प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता पृथ्वीराज कपूर अखाड़े का दौरा कर चुके हैं।
प्र.3: नाग पंचमी पर अखाड़े में मिट्टी के पहाड़ को लेकर क्या अनूठी परंपरा है?
उत्तर: दंगल की मिट्टी से 4-5 दिनों में पहाड़ बनाया जाता है, जिस पर इस वर्ष हनुमान की प्रतिमा गढ़ी गई है। नाग पंचमी के बाद पहाड़ को गिराकर पुनः कुश्ती खेलकर परंपरा निभाई जाती है।
प्र.4: अखाड़े के पहलवान स्वर्गीय मल्लू लाल शर्मा किस बात के लिए प्रसिद्ध थे?
उत्तर: वे अद्भुत शारीरिक शक्ति (सीने से जंजीर व पत्थर तोड़ना) के लिए प्रसिद्ध थे और उन्होंने दारा सिंह को भी चुनौती दी थी।
प्र.5: अखाड़े के किस पहलवान को ‘खेल विभूति’ और ‘लौह पुरुष’ की उपाधि मिली थी?
उत्तर: बॉडी बिल्डिंग में छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाले स्वर्गीय जवाहर लाल सोनी को यह सम्मान मिला था।


