Investor comparing CAGR XIRR and absolute returns of mutual fund investments
Investor comparing CAGR XIRR and absolute returns of mutual fund investments

CAGR vs XIRR vs Absolute Return: म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने के बाद ज्यादातर निवेशक सबसे पहले यही देखते हैं कि कितना रिटर्न मिला। स्क्रीन पर 20%, 30% या 40% देखकर लगता है कि निवेश ने अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन सिर्फ रिटर्न का प्रतिशत देखना काफी नहीं है। CAGR, XIRR और Absolute Return तीनों निवेश की कमाई को अलग-अलग तरीके से मापते हैं। यही वजह है कि एक ही निवेश को देखने पर तीनों आंकड़े अलग नजर आ सकते हैं।

खासकर SIP करने वालों के लिए यह समझना जरूरी है। SIP में पूरी रकम एक साथ नहीं लगती। हर महीने अलग तारीख पर एक नई किस्त निवेश होती है। ऐसे में हर किस्त को बाजार में पैसा बढ़ाने के लिए अलग-अलग समय मिलता है। इसलिए SIP का प्रदर्शन समझने के लिए सिर्फ सामान्य रिटर्न प्रतिशत पर निर्भर करना सही तस्वीर नहीं देता।

पहले समझिए कौन-सा रिटर्न क्या बताता है

तीनों रिटर्न इंडिकेटर का काम एक जैसा नहीं है। CAGR सालाना औसत वृद्धि बताता है, XIRR अलग-अलग तारीखों पर हुए निवेश और निकासी को ध्यान में रखता है, जबकि Absolute Return कुल निवेश पर हुई बढ़ोतरी या कमी बताता है। यानी आपका निवेश किस तरह का है और पैसा कितने समय से लगा है, इसके आधार पर सही रिटर्न इंडिकेटर भी बदल सकता है।

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एकमुश्त निवेश किया है तो CAGR पर नजर रखें

अगर आपने किसी म्यूचुअल फंड में एकमुश्त यानी लंपसम पैसा लगाया है और उसे कई साल तक निवेशित रखा है, तो CAGR यानी Compounded Annual Growth Rate ज्यादा उपयोगी हो सकता है। CAGR यह बताता है कि आपके निवेश ने औसतन हर साल कितनी दर से ग्रोथ की। इसमें अलग-अलग वर्षों के उतार-चढ़ाव को एक औसत सालाना वृद्धि दर के तौर पर समझा जाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर एकमुश्त निवेश पांच साल तक रखा गया है तो CAGR से यह समझने में मदद मिलती है कि इस पूरी अवधि में निवेश ने औसतन सालाना कितनी दर से बढ़ोतरी की। लेकिन यही तरीका लगातार अलग-अलग तारीखों पर पैसा लगाने वाले निवेश के लिए उपयुक्त नहीं है।

SIP वालों के लिए XIRR सबसे जरूरी क्यों?

अब बात SIP की। मान लीजिए आपने हर महीने एक निश्चित रकम म्यूचुअल फंड में लगाई। पहली किस्त को बाजार में कई साल का समय मिला, जबकि सबसे हाल की किस्त को बहुत कम समय मिला। यहीं XIRR यानी Extended Internal Rate of Return महत्वपूर्ण हो जाता है। XIRR निवेश की रकम के साथ यह भी देखता है कि पैसा किस तारीख को लगाया गया और कब निकाला गया। इसलिए नियमित SIP, बीच में किए गए टॉप-अप और अलग-अलग समय पर किए गए निवेश को समझने में यह ज्यादा उपयोगी है। यानी अगर आपके म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो में कई SIP किस्तें हैं, तो XIRR आपके वास्तविक निवेश अनुभव को समझने के लिए ज्यादा बेहतर संकेत दे सकता है।

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Absolute Return सबसे आसान, लेकिन हर जगह सही नहीं

Absolute Return निवेश पर कुल कितना फायदा या नुकसान हुआ, यह बताता है। इसमें शुरुआती निवेश और मौजूदा वैल्यू के बीच का अंतर देखा जाता है। कम अवधि के निवेश में यह आंकड़ा आसानी से समझ में आता है। समान अवधि वाले दो निवेशों की तुलना करने में भी Absolute Return उपयोगी हो सकता है। लेकिन इसमें निवेश की अवधि का हिसाब नहीं लगाया जाता। यही इसकी सबसे बड़ी सीमा है। उदाहरण के लिए, अगर किसी निवेश में तीन साल में 45% रिटर्न मिला और दूसरे निवेश में एक साल में 45% रिटर्न मिला, तो दोनों को एक जैसा प्रदर्शन नहीं माना जा सकता। दोनों निवेशों ने अलग-अलग समय में समान प्रतिशत कमाया है।

सबसे बड़ी गलती यहां होती है

निवेशक अक्सर किसी फंड का सबसे बड़ा रिटर्न प्रतिशत देखकर यह मान लेते हैं कि वही फंड सबसे अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। लेकिन रिटर्न की अवधि और निवेश करने का तरीका देखे बिना यह तुलना अधूरी हो सकती है। एकमुश्त निवेश और SIP के रिटर्न को एक ही पैमाने से देखना भी भ्रम पैदा कर सकता है। इसी तरह अलग-अलग अवधि वाले निवेशों की तुलना सिर्फ Absolute Return के आधार पर करना भी सही नहीं होगा।

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याद रखें ये आसान फॉर्मूला

अगर आपने एकमुश्त पैसा लंबे समय के लिए लगाया है, तो CAGR पर नजर रखें। अगर आप SIP कर रहे हैं या अलग-अलग तारीखों पर निवेश किया है, तो XIRR ज्यादा उपयोगी हो सकता है। अगर आप कम अवधि के समान निवेशों की कुल बढ़ोतरी देखना चाहते हैं, तो Absolute Return मददगार है। यानी म्यूचुअल फंड में सही सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कितना रिटर्न मिला? सही सवाल यह है कि किस अवधि में, किस तरीके से और किस हिसाब से रिटर्न मिला? यही समझ आपके पोर्टफोलियो की वास्तविक तस्वीर सामने ला सकती है। निवेश से पहले फंड के जोखिम, लागत और अपनी वित्तीय जरूरतों को भी ध्यान में रखें।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।