Scholarship Issue: आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालयों द्वारा जारी उस आदेश पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें छात्रवृत्ति न मिलने पर स्कूल के प्रधानपाठक का वेतन रोकने की बात कही गई है।
शिक्षक संघ ने भी इस आदेश को ‘तुगलकी फरमान’ बताते हुए इसका विरोध किया है। आप प्रवक्ता ने कहा कि छात्रवृत्ति वितरण एक बहुस्तरीय प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें गलती किसी स्तर पर भी हो सकती है, लेकिन पूरी जिम्मेदारी अकेले प्रधानपाठक पर मढ़ देना सरासर अनुचित है।
जर्जर सड़कों के लिए PWD और घाटे के लिए CSPDCL MD पर हो कार्रवाई’
सूरज उपाध्याय ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि यदि किसी सरकारी योजना का लाभ हितग्राहियों तक न पहुंचने पर वेतन रोकना ही सरकार की नीति है, तो इसे सभी विभागों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए:
बिजली विभाग: CSPDCL में लगातार घाटा दिखाने पर प्रबंध निदेशक (MD) का वेतन क्यों नहीं रोका जाता और उनसे इस्तीफा क्यों नहीं लिया जाता?
लोक निर्माण विभाग (PWD): बारिश में जर्जर और गड्ढों में तब्दील सड़कों के कारण हो रही दुर्घटनाओं के लिए PWD अधिकारियों का वेतन कब रुकेगा?
नगरीय निकाय: सड़कों पर आवारा मवेशियों के जमावड़े से होने वाली दुर्घटनाओं के लिए नगर निगम और पालिका अधिकारियों की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही?
बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों पर उठाए सवाल
आप प्रवक्ता ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों, दवाओं और मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। उन्होंने सवाल उठाया कि स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और स्वास्थ्य मंत्री का वेतन क्यों नहीं रोका जाता? सरकार केवल निचले स्तर के छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई का डर दिखाकर अपनी मुख्य जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास कर रही है।
छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया में देरी के वास्तविक कारणों की जांच की मांग
सूरज उपाध्याय ने कहा कि प्रधानपाठकों पर दंडात्मक कार्रवाई करने से पहले सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया में देरी किस स्तर पर हुई है। क्या फंड रिलीज में देरी हुई, तकनीकी खामी थी या किसी अन्य अधिकारी की लापरवाही? उन्होंने मांग की कि छात्रवृत्ति से वंचित विद्यार्थियों को जल्द से जल्द राशि का भुगतान किया जाए और यदि कोई लापरवाही पाई जाती है तो वास्तविक जिम्मेदार अधिकारी पर ही कार्रवाई होनी चाहिए।
आदेश तत्काल वापस लेने की चेतावनी
आम आदमी पार्टी ने BEO कार्यालयों द्वारा जारी इस तुगलकी आदेश की समीक्षा कर इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। आप नेताओं ने चेतावनी दी कि प्रशासनिक तंत्र की अपनी नाकामियों का ठीकरा शिक्षकों और प्रधानपाठकों के सिर पर फोड़ने के बजाय सरकार को अपनी संपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा।
(FAQs)
Q1. आम आदमी पार्टी ने BEO कार्यालय के किस आदेश का विरोध किया है?
उत्तर: आप ने BEO कार्यालय द्वारा जारी उस आदेश का विरोध किया है जिसमें विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति न मिलने पर संबंधित स्कूल के प्रधानपाठक का वेतन रोकने की चेतावनी दी गई है।
Q2. आप प्रवक्ता सूरज उपाध्याय ने बिजली विभाग और PWD के संदर्भ में क्या मांग रखी?
उत्तर: उन्होंने मांग की कि यदि योजना में देरी पर वेतन रुकता है तो CSPDCL में घाटे पर MD का इस्तीफा होना चाहिए और जर्जर सड़कों के लिए PWD अधिकारियों का वेतन रोका जाना चाहिए।
Q3. शिक्षक संघ का इस विवादित आदेश पर क्या रुख है?
उत्तर: शिक्षक संघ ने भी इस आदेश का कड़ा विरोध करते हुए इसे अनुचित और ‘तुगलकी फरमान’ करार दिया है।
Q4. स्वास्थ्य विभाग की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी ने क्या सवाल उठाए हैं?
उत्तर: आप ने अस्पतालों में डॉक्टरों, दवाओं और जांच सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए CMHO और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
Q5. आम आदमी पार्टी ने इस मामले में सरकार से क्या अंतिम मांग की है?
उत्तर: आप ने BEO के आदेश को तुरंत निरस्त करने, वंचित छात्रों को शीघ्र छात्रवृत्ति दिलाने और वास्तविक जिम्मेदार अधिकारियों का भौतिक सत्यापन कर उन पर कार्रवाई करने की मांग की है।


