Foreign Tourists in India: ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट और पर्यटन मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अपार सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता के बावजूद भारत में पिछले साल विदेशी पर्यटकों की संख्या 8.1 प्रतिशत घटकर 91.5 लाख पर आ गई है। यह आंकड़ा 2019 के 1.09 करोड़ के मुकाबले करीब 16 प्रतिशत कम है।
यात्रा के दौरान ठगी, सुरक्षा संबंधी चिंताओं, जटिल वीजा प्रक्रिया और परिवहन की समस्याओं के चलते भारत 30 लाख से भी कम आबादी वाले देश अल्बानिया से पिछड़ गया है।
अल्बानिया जैसे छोटे देश से पीछे छूटा भारत
पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत आने वाले 91.5 लाख विदेशी यात्रियों में से लगभग आधे उत्तरी अमेरिका और यूरोप से थे। इसके बावजूद, 30 लाख से कम आबादी वाला अल्बानिया भी विदेशी पर्यटकों की आवाजाही के मामले में भारत से आगे निकल गया है। नीति आयोग की जून में जारी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को विदेशी पर्यटन से 35 अरब डॉलर की आय हुई, जो तुर्की, थाईलैंड और सऊदी अरब जैसे छोटे पर्यटन बाजारों की तुलना में काफी कम है।
ठगी और सुरक्षा चिंताएं बनीं बाधा
पर्यटन क्षेत्र के अधिकारियों और यात्रियों के मुताबिक, भारत में ठगी, सुरक्षा चिंताओं और परिवहन की दिक्कतों का असर विदेशी पर्यटकों के अनुभव पर पड़ता है। अमेरिका के मैरीलैंड (एनापोलिस) की रहने वाली 34 वर्षीय केसी वोलांथ का अनुभव इसका एक उदाहरण है। साल 2015 में अपनी मां के साथ पहली बार भारत आईं वोलांथ नई दिल्ली में एक निजी कार्यालय को सरकारी पर्यटन एजेंसी समझ बैठी थीं, जहां उनसे दस्तावेज और पैसे मांगे गए। अमेरिका में एक दोस्त की सलाह पर वे बिना पैसे गंवाए वहां से निकलीं और फिर खुद ट्रेन टिकट बुक कर ताज महल, राजस्थान, वाराणसी और ऋषिकेश का भ्रमण किया। वे इसके बाद 4 बार और भारत आ चुकी हैं।
पर्यटकों की संख्या महज 20 से 30 लाख
इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष रवि गोसाईं के अनुमान के अनुसार, 91.5 लाख का कुल आंकड़ा पूरी तरह से छुट्टी बिताने (अवकाश) के लिए भारत आने वाले यात्रियों का नहीं है। इसमें इलाज और रिश्तेदारों से मिलने आए लोग भी शामिल हैं। वास्तव में केवल घूमने-फिरने और अवकाश बिताने के उद्देश्य से भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या लगभग 20 लाख से 30 लाख के बीच ही है।
घरेलू पर्यटन में 46 प्रतिशत का बड़ा उछाल
विदेशी पर्यटन में सुस्ती के उलट भारत में घरेलू पर्यटन में भारी उछाल दर्ज किया गया है। पिछले साल घरेलू यात्राओं की संख्या 46 प्रतिशत बढ़कर 429 करोड़ तक पहुंच गई, जो महामारी के पूर्व स्तर से लगभग दोगुनी है। बढ़ती आय, बेहतर बुनियादी ढांचे और धार्मिक स्थलों की यात्रा में बढ़ती रुचि के कारण यह वृद्धि हुई है। कमजोर रुपये के कारण विदेश यात्रा महंगी होने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों से अपना यात्रा बजट देश के भीतर ही खर्च करने की अपील की है।
5 FAQs
1. पिछले साल भारत में कितने विदेशी पर्यटक आए?
पिछले साल भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या 91.5 लाख रही।
2. भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या क्यों घट रही है?
रिपोर्ट में ठगी, सुरक्षा संबंधी चिंताओं, परिवहन की मुश्किलों और जटिल वीजा प्रक्रिया को वजहों में शामिल किया गया है।
3. 2019 के मुकाबले भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या कितनी कम है?
2019 के 1.09 करोड़ के मुकाबले यह संख्या करीब 16 प्रतिशत कम है।
4. भारत में घरेलू पर्यटन कितना बढ़ा?
पिछले साल घरेलू यात्राओं की संख्या 46 प्रतिशत बढ़कर 429 करोड़ हो गई।
5. भारत आने वाले वास्तविक विदेशी अवकाश पर्यटकों की संख्या कितनी बताई गई है?
इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष रवि गोसाईं के अनुमान के मुताबिक यह संख्या करीब 20 लाख से 30 लाख हो सकती है।


