बिलासपुर। सोचिए, एक छठवीं क्लास का बच्चा, पीठ पर पहाड़ जैसा बस्ता, और 1.5 किलोमीटर का कच्चा रास्ता। यही रोज की कहानी थी पिरैया गांव के राहुल की। 6 किताबों से शुरू हुआ सफर 10 किताबों और 10 कॉपियों तक पहुंच गया और राहुल की पीठ जवाब देने लगी।

बेटे का दर्द पिता अश्वनी साहू से देखा नहीं गया। उन्होंने अफसरों के चक्कर नहीं काटे, सीधे CM हेल्पलाइन 1076 पर फोन घुमा दिया। और फिर जो हुआ वो मिसाल बन गया।

एक किसान की एक शिकायत ने पूरे बिल्हा ब्लॉक की तस्वीर बदल दी!

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बिल्हा के BEO भूपेंद्र कौशिक और ABEO मुकेश अग्रवाल ने तुरंत आदेश जारी कर दिया और कहा कि स्कूल बैग पॉलिसी 2020 का पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके अनुसार स्कूल बैग का वजन बच्चे के शरीर के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। स्कूलों में डिजिटल वजन मशीन रखना और समय-समय पर विद्यार्थियों के बैग का वजन जांचना भी अनिवार्य किया गया है। लापरवाही पाए जाने पर संस्था प्रमुख और प्रबंधक की जवाबदेही तय होगी।

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क्या हैं नए नियम?

– हर स्कूल में डिजिटल वजन मशीन लगाना अनिवार्य

– रोज-रोज सभी किताबें लाने की टेंशन खत्म, टाइम-टेबल के हिसाब से ही किताबें आएंगी

– स्कूल बैग पॉलिसी 2020 का सख्ती से पालन

– लापरवाही पर प्रिंसिपल और मैनेजमेंट की सीधी जवाबदेही

शिकायत के बाद जब शिक्षक, अश्वनी साहू के घर पहुंचे तो उन्होंने कहा – “मुझे शिक्षकों से कोई शिकायत नहीं, मुझे तो बस बच्चों की कमर की चिंता है।”

आज राहुल ही नहीं, बिल्हा ब्लॉक के हजारों बच्चों के बस्ते का बोझ हल्का हो गया है। कहते हैं न, एक आवाज अगर सही जगह पहुंचे तो पूरा सिस्टम बदल जाता है।

पूर्व में नियम लागू हुए, मगर पालन नहीं

बता दें कि शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल बस्तों के वजन के लिए बाकायदा पॉलिसी बनाकर लागू किया गया, मगर इसका पालन हो रहा है या नहीं अफसरों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। यही वजह है कि स्कूली बच्चों के बस्तों का बोझ अब तक कम नहीं हुआ है। ताजा मामला सरकारी स्कूल का है, निजी स्कूलों का हाल तो और भी बुरा है। प्रदेश भर में यह मामला फिर सुर्खियों में है। शिक्षा विभाग के DPI को इस मामले को संज्ञान में लेते हुए पूरे प्रदेश में एक बार फिर स्कूल बैग पॉलिसी को सख्ती से लागू कराना चाहिए ताकि बच्चों की पीठ पर से बैग का वजन कम किया जा सके।

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FAQ: सीएम हेल्पलाइन में शिकायत का हुआ असर

सवाल 1. शिकायत किसने की थी?

जवाब: पिरैया गांव के किसान अश्वनी साहू ने अपने छठवीं में पढ़ने वाले बेटे राहुल के भारी बस्ते को लेकर CM हेल्पलाइन 1076 में शिकायत की थी।

सवाल 2. नया नियम क्या है?

जवाब: स्कूल बैग का वजन बच्चे के शरीर के वजन के 10% से अधिक नहीं होगा और हर स्कूल में वजन मशीन से नियमित जांच होगी।

सवाल 3. यह आदेश कहां लागू हुआ है?

जवाब: फिलहाल यह आदेश बिलासपुर के बिल्हा ब्लॉक के सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में लागू किया गया है।