Teachers Day Inspection: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शिक्षक दिवस के विशेष अवसर पर एक अनोखा और प्रेरणादायी नजारा देखने को मिला, जब जिले के कलेक्टर कुणाल दुदावत खुद शिक्षक की भूमिका में नजर आए। कलेक्टर अचानक बोंगा (छुरी) स्थित प्रधानमंत्री एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय पहुंचे और वहां कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत और सफलता का पाठ पढ़ाया।
उन्होंने क्लास में बच्चों के साथ बैठकर सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को जाना। हालांकि, निरीक्षण के दौरान 8 शिक्षकों के अनुपस्थित मिलने पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी नाराजगी जताई और तुरंत नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
8वीं से 12वीं तक के बच्चों को दिया सफलता का मंत्र
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने 8वीं से लेकर 12वीं तक की कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों से कहा कि विद्यार्थी जीवन जीवन का सबसे अनमोल समय होता है, जो दोबारा लौटकर नहीं आता। यही वह समय है जब ईमानदारी और लगन से की गई पढ़ाई भविष्य की नींव रखती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि माता-पिता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए कठोर परिश्रम आवश्यक है। अनुशासन, दृढ़ निश्चय और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर एकाग्रता ही सफलता की सच्ची कुंजी है।
फिजिक्स के सवाल कराकर परखी पढ़ाई की गुणवत्ता
12वीं साइंस क्लास के विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर कलेक्टर ने खुद एक शिक्षक की तरह उनकी अध्ययन क्षमता को परखा। उन्होंने ब्लैकबोर्ड पर फिजिक्स (भौतिक शास्त्र) के सवाल दिए और बच्चों को हल करने को कहा। जब बच्चे निर्धारित समय में सवालों को हल नहीं कर पाए, तो कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और शिक्षकों को शिक्षण व्यवस्था के स्तर में तत्काल सुधार करने की कड़ी हिदायत दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षक भविष्य के मार्गदर्शक होते हैं, इसलिए उनसे बिना किसी झिझक के अपनी शंकाओं का समाधान कराएं।
अनुपस्थित 8 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की उपस्थिति पंजी की जांच करने पर गंभीर लापरवाही उजागर हुई। आवासीय विद्यालय होने के बावजूद PGT/TGT श्रेणी के 8 शिक्षक—दीपेंद्र, तरुण कुमार, तरुण कुमार पैकरा, संदीप राज, संदीप यादव, पवन कुमार, ऊषा और अशोक—बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस पर कलेक्टर ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आवासीय विद्यालयों में अध्यापन और व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
पानी, भोजन और हॉस्टल की समस्याओं पर दिए निर्देश
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय में पीने के पानी, भोजन की गुणवत्ता और आवासीय परिसर से जुड़ी समस्याएं कलेक्टर के समक्ष रखीं। पानी की समस्या पर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में भूजल स्तर नीचे जाने के कारण बोरवेल फेल हुए हैं, लेकिन इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई पाइपलाइन बिछाने का काम जारी है और जल्द ही पानी की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने मौके पर मौजूद प्राचार्य और सहायक आयुक्त (आदवासी विकास) श्रीकांत कसेर को भोजन और हॉस्टल संबंधी सभी समस्याओं का तुरंत निराकरण करने का आदेश दिया।
NEET-JEE कोचिंग, शैक्षणिक भ्रमण और मोबाइल से दूरी की सलाह
कलेक्टर ने छात्र-छात्राओं को शासन की ओर से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नीट (NEET) और जेईई (JEE) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क आवासीय कोचिंग तथा उच्च शिक्षा के लिए फीस सहायता प्रदान की जाती है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण (Educational Tour) कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से बचने और अपना पूरा ध्यान केवल पढ़ाई पर केंद्रित करने की सलाह दी।
FAQ
प्रश्न 1: शिक्षक दिवस पर कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत किस स्कूल के निरीक्षण पर पहुंचे थे?
उत्तर: कलेक्टर बोंगा (छुरी) स्थित प्रधानमंत्री एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के निरीक्षण पर पहुंचे थे।
प्रश्न 2: निरीक्षण के दौरान कितने शिक्षक अनुपस्थित पाए गए और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
उत्तर: निरीक्षण में कुल 8 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, जिन्हें कलेक्टर के निर्देश पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्रश्न 3: कलेक्टर ने 12वीं साइंस के छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता जांचने के लिए क्या किया?
उत्तर: कलेक्टर ने विद्यार्थियों को फिजिक्स (भौतिक शास्त्र) के सवाल हल करने के लिए दिए और समय पर हल न होने पर शिक्षण व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
प्रश्न 4: छात्रों द्वारा बताई गई पानी की समस्या पर कलेक्टर ने क्या आश्वासन दिया?
उत्तर: कलेक्टर ने बताया कि वाटर लेवल गिरने से बोरवेल फेल हुए हैं, और समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है।
प्रश्न 5: प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए कलेक्टर ने विद्यार्थियों को क्या जानकारी दी?
उत्तर: उन्होंने NEET और JEE की नि:शुल्क आवासीय कोचिंग, उच्च शिक्षा हेतु फीस सहायता तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर देश के प्रमुख संस्थानों के शैक्षणिक भ्रमण की जानकारी दी


