0 मरकज बिल्डिंग में जमा लोगों को बाहर निकालने का सिलसिला बुधवार सुबह तक चला

0 सभी दो हजार लोग बाहर निकाले गए

0 केंद्र का आदेश- इन्हें खोजकर अलग-थलग किया जाए

नई दिल्ली। निजामुद्दीन की मरकज बिल्डिंग कोरोनावायरस का केंद्र बन गई है। यहां से बुधवार सुबह तक सभी 2000 से ज्यादा जमातियों को बाहर निकाल लिया गया है। इसके बाद सुबह परिसर को सैनिटाइज किया गया।

यहां से निकले लोगों की तलाश में 22 से ज्यादा राज्यों में अभियान छेड़ा गया है। इनमें से कई लोगों को ट्रेस कर लिया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि मरकज से गए गए लोगों में से अब तक 180 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं।

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इनमें तमिलनाडु में 77, आंध्र प्रदेश 43, दिल्ली में 24, तेलंगाना में 21,अंडमान-निकोबार में 9, असम में 5 और कश्मीर में एक कोरोना संक्रमित शामिल है। आशंका जताई जा रही है कि ये मामले और बढ़ सकते हैं।

उधर, स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव लव अग्रवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तब्लीगी जमात के लोगों के देशभर के अलग-अलग हिस्सों में जाने की वजह से संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।

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पिछले 24 घंटे मतें 386 मामले सामने आए हैं। इस बीच केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि तब्लीगी जमात ने एक तालिबानी अपराध किया है।

इस प्रकार की आपराधिक गतिविधियों के लिए माफ नहीं किया जा सकता। जमात ने कई लोगों की जान खतरे में डाली है। सरकार के निर्देशों को नहीं मानने वाले ऐसे संगठनों और लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

हो सकता है कि ऐसा जानबूझकर किया गया हो और यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जो लोग लॉकडाउन का पालन नहीं कर रहे हैं उन्हें माफ नहीं किया जाना चाहिए।

उन यात्रियों की तलाश में जुटा रेलवे जो जमातियों के संपर्क में आए होंगे

रेलवे उन पांच ट्रेनों के यात्रियों का पता लगाने में जुट गया है, जिनमें जमातियों ने दिल्ली से अपने-अपने गृह राज्यों का सफर किया था। ये सभी ट्रेनें 13 से 19 मार्च के बीच दिल्ली से रवाना हुईं थीं।

इनमें आंध्र प्रदेश को जाने वाली दुरंतो एक्सप्रेस, चेन्नई तक जाने वाली ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस और तमिलनाडु एक्सप्रेस शामिल है। इसके अलावा, नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस और एपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस भी हैं।

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चिंता है कि इन ट्रेनों में हजारों यात्री इन जमातियों के संपर्क में आए होंगे। रेलवे इन ट्रेनों के यात्रियों की लिस्ट बनाने में जुटी है।

22 राज्यों में संक्रमण का खतरा बढ़ा

मरकज में 1 से 15 मार्च के बीच हुए कार्यक्रम में देश-विदेश के 5 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। लेकिन, इसके बाद भी करीब 2000 से ज्यादा लोग यहां रुके रहे, जबकि ज्यादातर लॉकडाउन से पहले अपने घरों को लौट गए।

यहां से संक्रमण का कनेक्शन दिल्ली समेत 22 राज्यों से जुड़ रहा है। इनमें तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, असम, उत्तरप्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी, कर्नाटक, अंडमान निकोबार, आंध्रप्रदेश, श्रीनगर, दिल्ली, ओडिशा, प.बंगाल, हिमाचल, राजस्थान, गुजरात, मेघालय, मणिपुर, बिहार, केरल और छत्तीसगढ़ शामिल है।

कम्युनिटी फैलाव का खतरा बढ़ा

सरकार की चिंता इसलिए बढ़ी हुई है कि मरकज से गए दो हजार से अधिक विदेशी जमाती देशभर में इधर-उधर घूम रहे हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को इन्हें ढूंढकर तुरंत देश से बाहर निकालने का आदेश दिया है।

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स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, मरकज से गए संक्रमितों के संपर्क में 22 राज्यों के 16 शहरों में कम से कम 10 हजार लोग आए हैं। राज्यों को भी इन लोगों की सूची भेज दी गई है।

मरकज में संक्रमण का खुलासा होने के बाद केंद्र ने देशभर के 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कोरोना के 16 हॉटस्पॉट चिह्नित किए हैं। सोमवार तक ऐसे 10 हॉटस्पॉट थे। ये वे जगहें हैं, जहां संक्रमण का सामुदायिक फैलाव (कम्युनिटी ट्रांसमिशन) हो सकता है।

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