रायपुर। मध्याह्न भोजन ( Mid Day Meal ) में बच्चों को अंडा ( Egg ) देने के प्रस्ताव पर उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को बच्चों को आंगनबाड़ी और मध्यान्ह भोजन में अंडा वितरण को लेकर संगवारी समिति ने इसका विरोध किया है। इस संबंध में संगवारी समिति ने कलेक्टरेट पहुंच कर कलेक्टर डॉ. एस.भारतीदासन को ज्ञापन भी सौंपा है। इनके साथ ही जैन खंडेलवाल, अग्रवाल, कबीरपंथी, महेश्वरी आदि समुदाय के लोगों ने भी मुख्यमंत्री के नाम को ज्ञापन सौंपा हैं।

संगवारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने कहा कि अंडे को बंद करने के लिए 72 घंटे का समयसीमा दिया है। यदि बच्चों को मध्याह्न भोजन में अंडा वितरण बंद नहीं किया जाता है तो उन्होंने उग्र आंदोलन की भी चेतावनी दी है। समिति के सदस्यों का कहना है कि यह सरकार की षड्यंत्रकारी योजना है जो हिंदुओं को जानबूझकर अंडा खिलाने की बात कह रही है। उन्होंने तर्क दिया है कि 4 साल 6 साल के बच्चे उन्हें सोचने की क्षमता नहीं होती कि क्या मांसाहारी है या शाकाहारी है। यह समझ बड़े बच्चों में होती है। वैकल्पिक रूप में अंडे की जगह दूध सोयाबीन आदि दिया जाना चाहिए।

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स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन में अंडा वितरण ( Egg distribution in the mid-day meal ) का चौतरफा विरोध हो रहा है। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही स्कूलों के मध्यान्ह भोजन में अंडा वितरण को बंद करने की मांग को लेकर रायपुर-बिलासपुर हाइवे पर गुरु प्रकाश मुनि साहेब के साथ हजारों की संख्या में कबीर पंथियों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। कलेक्टर के आश्वासन के बाद विरोध प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया था।

 

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