टीआरपी डेस्क। नौकरशाही में कई बार ऐसे मौके देखने को मिलते हैं, जब किसी ईमानदार अधिकारी को अपने काम के तरीकों के कारण विभागीय ऐक्शन का सामना करना पड़ता है। एक IPS अफसर को बार-बार या कहें औसतन हर 6 महीने पर ट्रांसफर और पोस्टिंग के ऑर्डर मिल जाते हैं। यह कहानी कर्नाटक की आईपीएस D. Roopa (रूपा दिवाकर मौदगिल) की है, जो कि कर्नाटक कैडर के 2000 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं।

रूपा को हाल ही में राज्य के गृह विभाग से हैंडलूप एम्पोरियम में ट्रांसफर किया गया है। कभी प्रदेश की पहली महिला होम सेक्रेटरी बनने वाली डी. रूपा पर ये कार्रवाई तब हुई है, जबकि उन्होंने हाल ही में एक बड़े अफसर के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी।

सीएम उमा भारती को किया था गिरफ्तार

आईपीएस D. Roopa तमाम राज्यों में नौकरी के दौरान ऐसे कई ऐक्शंस में शामिल रही हैं, जिसके कारण उनके काम की चर्चा होती रही है। फिर चाहे वो जेल में बंद AIDMK की नेता शशिकला के खिलाफ आवाज उठाने की बात रही हो, या साल 2003-2004 के दौरान एमपी की तत्कालीन सीएम उमा भारती को गिरफ्तार करने का मामला। रूपा की कार्यशैली पर कई बार सवाल और विवाद दोनों हुए हैं।

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बेंगलुरु सेफ सिटी प्रॉजेक्ट पर विवाद

बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में बेंगलुरु के सेफ सिटी प्रॉजेक्ट का काम देख रही डी. रूपा ने एक वरिष्ठ आईपीएस अफसर पर इस योजना में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था। सीनियर आईपीएस हेमंत निंबालकर पर टेंडर प्रोसेस में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाली डी. रूपा को अब एक और बार ट्रांसफर ऑर्डर मिल चुका है।

IAS छोड़ चुनी थी आईपीएस की नौकरी

कभी यूपीएससी की परीक्षा में ऑल इंडिया 43वीं रैंक लाने के बाद आईएएस छोड़ आईपीएस बनने वाली रूपा का 20 साल की सर्विस में 40 बार तबादला हो चुका है। रूपा का कहना है कि वो आसानी से आईएएस बन सकती थीं, लेकिन पुलिस सर्विसेज के शौक के कारण उन्होंने आईपीएस चुना। पुलिस सर्विसेज के अलावा रूपा एक बेहतरीन ट्रेंड भरतनाट्यम डांसर हैं। इसके साथ ही इन्होंने भारतीय संगीत की ट्रेनिंग भी ली है। रूपा ने बयालाताड़ा भीमअन्ना नामक कन्नड फिल्म में एक प्लेबैक सिंगर के रूप में गीत भी गाया है। इन सबके साथ रूपा एक बेहतरीन शार्प शूटर रही हैं तथा शूटिंग में कई पुरस्कार भी जीते हैं। 2003 में रूपा की शादी मुनीश मुद्गील से हुई। मुनीश एक आईएएस अफसर हैं। रूपा की छोटी बहन रोहिणी दिवाकर भी 2008 बैच की आईआरएस ऑफिसर हैं।

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ट्विटर पर लिखा- मुझे फर्क नहीं पड़ता

अपने ट्रांसफर के बाद रूपा ने ट्विटर पर लिखा,’हां मैं ये हमेशा से जानती हूं। तबादला होना हर सरकारी नौकरी के हिस्से जैसा है। मैंने जितने साल नौकरी की है, उसके दोगुने बार मेरा ट्रांसफर हो चुका है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना विवाद और जोखिम का काम है और मैं ये जानती हूं। मैं मूल्यों से समझौता किए बिना अपना काम करूंगी, जहां यह पद हो या वो पद। मेरे लिए उसका कोई फर्क नहीं।’

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